Sunday, September 24, 2017
यूपीएससी / पीसीएस

सिविल सेवा : पीक्यूआरआर तकनीक से करें मुख्य परीक्षा की तैयारी

सिविल सेवा : पीक्यूआरआर तकनीक से करें मुख्य परीक्षा की तैयारी

 

सिविल सेवा की मुख्य परीक्षा प्रारंभिक परीक्षा से अलग होती है. इसलिए इसकी तैयारी भी अलग तरीके से करनी होगी. अब ऐसे में हर विद्यार्थी के मन में सवाल उठना लाजिमी है कि परीक्षा की तैयारी के लिए अध्ययन के किस तरीके को अपनाया जाये ताकि सफलता मिल सके. चाणक्या एकेडमी (रांची) के निदेशक एके मिश्रा ने  बताया कि पीक्यूआरआर तकनीक से अध्ययन कर मुख्य परीक्षा में सफलता हासिल की जा सकती है. आइए श्री मिश्रा से जानते हैं कि क्या है पीक्यूआरआर तकनीक.

पर्पसफुल रीडिंग

सिविल सेवा की तैयारी कर रहे हर विद्यार्थी की कोशिश होती है कि परीक्षा में उसे अधिकतम अंक हासिल हो. मुख्य परीक्षा में अधिक से अधिक अंक हासिल करने के लिए जरूरी है कि अध्ययन शुरू  करने से पहले उस संबंध में रणनीति बना ली जाये.  मुख्य परीक्षा में पूछे जानेवाले प्रश्न प्राय: सामान्य समझ (कॉमन सेंस) वाले होते हैं. इसलिए चुने हुए टॉपिक्स का गंभीरता से अध्ययन करें. अनावश्यक रूप से कई पुस्तकों व सामग्रियों का अध्ययन करने की बजाय चुनिंदा पाठ्य सामग्री का ही सहारा लें. 

क्वेश्चन बेस्ड रीडिंग

किसी भी टॉपिक पर अध्ययन के पूर्व  पिछले वर्षों के दौरान उस पर आये प्रश्नों और इस वर्ष के लिए संभावित प्रश्नों की सूची बना लें. इस दौरान सोचें कि इन प्रश्नों के प्रभावकारी उत्तर लिखने के लिए  किस  प्रकार की सामग्री का अध्ययन करना चाहिए. उन्हें बिंदुवार नोट कर लें, ताकि अध्ययन सामग्री के चयन में परेशानी न हो.  

रिफ्लेक्टिंग आफ्टर रीडिंग

एके मिश्रा कहते हैं कि मनन के बिना अध्ययन वैसे ही है जैसे पाचन बिना भोजन. आप जो भी पढ़ें. उसका मन में विश्लेषण करने की कोशिश करें और देखें कि आपने सबकुछ समझ लिया है या नहीं.  निरंतर मनन करने से विषयों पर पकड़ अच्छी होगी. 

रिवाइज रेगुलरली

निरंतर विषयों को दोहराना आपके लिए काफी फायदेमंद होगा. इससे आपकी समझ बढ़ती है, आपकी याददाश्त में वृद्धि होती है. इससे आपका आत्मविश्वास भी बढ़ता है.  इस दौरान सुनिश्चित करने का प्रयास करें  कि कोई भी नया या कठिन टॉपिक पढ़ें, तो उसे अवश्य  दोहरायें.

उत्तर लिखते वक्त शब्द सीमा का रखें ख्याल

मुख्य परीक्षा में उत्तर लिखने के दौरान शब्द सीमा का जरूर ध्यान रखें. उत्तरों के अनावश्यक विस्तार से बचने का प्रयास करें. विद्यार्थियों से यह उम्मीद की जाती है कि वे निर्देशों को पालन करते हुए सरल भाषा में प्रश्नों  के उत्तर लिखेंगे. उत्तर-पुस्तिका में प्रत्येक प्रश्न के उत्तर लिखने के स्थान सीमित होते हैं. इसके लिए लेखन कौशल बेहतर करने के लिए गंभीर व ईमानदार प्रयास करने की जरूरत है. यहां यह समझना जरूरी है कि कोई भी अभ्यर्थी तब  तक एक प्रासंगिक उत्तर नहीं लिख सकता, जब तक कि वह किसी अवधारणा विशेष के बारे में स्पष्ट न हो और उसे महत्वपूर्ण तथ्य व सूचनाएं याद न हों. इसलिए अभ्यर्थी को किसी भी विषयवस्तु को पढ़ने के साथ-साथ उस पर सोचना व  लिखना चाहिए.