Friday, June 23, 2017
स्टडी मटेरिल

बेहतर प्लानिंग के साथ निखरेगा आर्ट्स में कैरियर

बेहतर प्लानिंग के साथ निखरेगा आर्ट्स  में कैरियर

ब्रह्मानंद मिश्र

इंजीनियरिंग, मेडिकल और मैनेजमेंट के क्षेत्र में बेहतर कैरियर की उम्मीद लिये हर साल बड़ी संख्या में छात्र भीड़ का हिस्सा बन जाते हैं. इसमें ऐसे भी छात्र होते हैं, जिनकी इन क्षेत्रों में आने की पहले से कोई तैयारी नहीं होती. दरअसल, कैरियर चुनने को लेकर छात्रों और अभिभावकों पर काफी दबाव होता है. ऐसे में उच्च शिक्षा के लिए अपनी स्ट्रीम चुनते समय अभिरुचि का ख्याल रखना बहुत जरूरी हो जाता है. यदि आप भी इन विषयों से इतर जाकर कुछ अलग करना चाहते हैं, तो कैरियर विकल्पों की कमी नहीं है. इस बार की कवर स्टोरी में पढ़ते हैं कुछ ऐसे ही कैरियर विकल्पों के बारे में, जहां बारहवीं के बाद आप आगे बढ़ सकते हैं...

 
प्रोफेशनल कोर्सेज के माध्यम से बेहतर भविष्य का सपना देखना निश्चित ही समझदारी भरा काम है, लेकिन किसी को देख कर या किसी के कह देने से इस दौड़ में शामिल हो जाना आत्मघाती हो सकता है. ऐसे छात्रों की संख्या कम नहीं है, जो हर साल ऐसा कदम उठा लेते हैं और कोर्स में प्रवेश लेने के कुछ ही महीनों बाद नीरसता महसूस करने लगते हैं. अगर किसी तरह से कोर्स को पूरा कर भी लेते हैं, तो आगे उनके सामने अच्छा कैरियर बनाने की चुनौतियां लगातार बढ़ती ही जाती हैं. ऐसे में जरूरी है कि आप अपने 12वीं के परीक्षा परिणाम को गौर से देखें. किस विषय में आपका प्रदर्शन अच्छा रहा है और कौन सा विषय आपको रुचिकर लगता है, आदि जिज्ञासाओं का हल परिजनों के साथ बैठ कर निकालें, फिर आगे की पढ़ाई के लिए निर्णय करें. 

यदि आपका मन इंजीनियरिंग, मेडिकल, प्रबंधन आदि विषयों में नहीं लगता है और मानविकी या अन्य विषय आपको अधिक आकर्षित करते हैं, तो निश्चित ही आगे की पढ़ाई के लिए आर्ट्स या मानविकी विषयों को ही चुनें. सुनी-सुनाई बातों के आधार पर फैसला करने के बजाय इन विषयों में कैरियर विकल्पों पर ध्यान दें. अभी से अपना लक्ष्य तय करें और आगे की पढ़ाई के लिए जुट जायें. यहां हम आर्ट्स और मानविकी विषयों में कैरियर संभावनाओं, चुनौतियों और विकल्पों आदि के बारे में विस्तार से जानेंगे.
 
पारंपरिक और लोकप्रिय हैं आर्ट्स के विषय
कैरियर की व्यापक संभावनाओं और आमजन तक कोर्स की उपलब्धता के कारण भारत में आर्ट्स का क्षेत्र पारंपरिक और काफी लोकप्रिय है. आर्ट्स स्ट्रीम को मुख्य रूप से मानविकी, फाइन आर्ट्स, विजुअल आर्ट्स और परफॉर्मिंग आर्ट्स के रूप में विभाजित किया जा सकता है. इस स्ट्रीम में आप साहित्य, दर्शन, आधुनिक भाषाओं, कानून, इतिहास आदि की पढ़ाई चुन सकते हैं. यदि आपके अंदर कम्युनिकेशन और राइटिंग स्किल है, तो निश्चित ही इस क्षेत्र में आप कैरियर की ऊंचाईयों को छू सकते हैं. प्रशासनिक सेवाओं में कैरियर का सपना देखनेवालों के लिए आर्ट्स के विषय वरदान की तरह होते हैं. प्रशासनिक सेवाओं को लेकर छात्रों में किस हद तक उत्साह रहता है, यह कहने की जरूरत नहीं है. विभिन्न स्ट्रीम से आनेवाले छात्र इन परीक्षाओं में शामिल होते समय अंगरेजी, हिंदी साहित्य, भूगोल, दर्शनशास्त्र, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, मनोविज्ञान, समाजशास्त्र आदि विषयों को विशेष रूप से तवज्जो देते हैं. 
 
करें कानून की पढ़ाई 
कानून की पढ़ाई के लिए छात्रों के बीच खास उत्साह रहता है. आमतौर पर कानून की पढ़ाई के लिए स्नातक होना अनिवार्य होता है, लेकिन हाल के वर्षों में इंटीग्रेटेड बीए-एलएलबी लोकप्रिय कोर्स बन कर उभरा है. बारहवीं करने के बाद आप सीधे बीए-एलएलबी कोर्स में प्रवेश ले सकते हैं. पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड लॉ कोर्स के लिए अखिल भारतीय स्तर प्रवेश परीक्षाएं आयोजित होती हैं. कुछ विश्वविद्यालय खुद की प्रवेश परीक्षा आयोजित कराते हैं. कानून में स्नातक के बाद लेबर लॉ, कांस्टिट्यूशनल लॉ, क्रिमिनल लॉ, पेटेंट लॉ, सिविल लॉ, इंटरनेशनल लॉ, कॉरपोरेट लॉ और इनकम टैक्स में स्पेशलाइजेशन कर सकते हैं.
 
शिक्षक बन दें समाज को दिशा
कई विश्वविद्यालय और संस्थान बारहवीं करने के बाद छात्रों को इंटीग्रेटेड बीए-बीएड प्रोग्राम में प्रवेश लेने का मौका देते हैं. शिक्षा में कैरियर आपाधापी से दूर एक सम्मानजनक कैरियर विकल्प है. यही वजह है कि हिंदी पट्टी में बीएड लोकप्रिय कोर्स के रूप में पहचान बना चुका है. बीए-बीएड के साथ सीटेट पास करने के बाद आप प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर शिक्षक बन सकते हैं. बीए के बाद यदि मास्टर्स कर लेते हैं और नेट क्वालिफाई कर लेते हैं, तो कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में कैरियर बना सकते हैं.
 
विदेशी भाषाओं में कैरियर
विदेशी भाषाओं में रोजगार के ढेरों विकल्प होने के कारण छात्र बारहवीं के बाद इंगलिश, जर्मन, फ्रेंच, इटैलियन, चाइनीज आदि भाषाओं की पढ़ाई कर सकते हैं. खास बात यह है कि दिल्ली विश्वविद्यालय और जेएनयू विदेशी भाषाओं की पढ़ाई के लिए विख्यात हैं. विदेशी भाषाओं में कैरियर संभावनाओं की बात करें, तो टूरिज्म, एंबेसी, डिप्लोमैटिक सर्विसेज, इंटरटेनमेंट, पब्लिक रिलेशन, पब्लिसिंग हाउसेज, ट्रांसलेशन और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में ढेरों मौके होते हैं. हाल के वर्षों में ऑनलाइन कंटेंट राइटर और टेक्निकल राइटर की भी मांग तेजी से बढ़ी है.

आर्ट्स विषयों में कैरियर की हैं भरपूर संभावनाएं 
मानविकी से जुड़े सभी विषय देशभर के विभिन्न विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट स्तर पर उपलब्ध होते हैं. उच्च शिक्षा और शोध में कैरियर बनाने के लिए स्नातक बीएड और परास्नातक के बाद रिसर्च प्रोग्राम में प्रवेश लिया जा सकता है. शिक्षण के अलावा लेखन, शोध, जनसंपर्क, पॉलिसी रिसर्च, प्रोग्राम प्लानिंग, प्रशासन और प्रबंधन जैसे क्षेत्र बड़ी संख्या छात्रों को आकर्षित करते हैं. यदि आप कुछ अलग करने की सोच रहे हैं, तो एंथ्रोपोलॉजी, जर्नलिज्म, आर्कियोलॉजी, जियोग्राफी, इंडस्ट्रियल रिलेशन, लिबरल आर्ट्स, लाइब्रेरी साइंस, फिलॉस्फी, सोशल वर्क, काउंसेलिंग, साइकोलॉजी जैसे क्षेत्रों को भी चुन सकते हैं.