Sunday, November 19, 2017
एमबीए

सही रणनीति से मिलेगी मैनेजमेंट की परीक्षाओं में सफलता

सही रणनीति से मिलेगी मैनेजमेंट की परीक्षाओं में सफलता

 

मैनेजमेंट के क्षेत्र को आज एक बेहतरीन करियर विकल्प के तौर पर जाना जाता है. मैनेजमेंट कोर्स करने वालों के लिए तरक्की की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं. यही वजह है कि ग्रेजुएशन के बाद अधिकतर युवा मैनेजमेंट कोर्स में प्रवेश को तरजीह देते हैं. आइए जानते हैं कि मैनेजमेंट कोर्सेज में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली परीक्षाओं में कैसे सफलता हासिल की जा सकती है.

आज हर क्षेत्र में है मैनेजमेंट प्रोफेशनल्स की मांग

भारत समेत दुनियाभर में बैंकिंग, फाइनेंस, इन्वेस्टमेंट, इंश्योरेंस, रियल एस्टेट, एविएशन, टूरिज्म, मार्केटिंग, इंटरनेशनल बिजनेस, ह्यूमन रिसोर्स समेत लगभग हर क्षेत्र में मैनेजमेंट प्रोफेशनल्स की मांग है. मैनेजमेंट कोर्सेज, जैसे एमबीए, पीजीडीएम करने वाले युवा किसी भी कॉरपोरेट हाउस या मल्टीनेशनल कंपनी से कैरियर शुरू कर सकते हैं. मैनेजमेंट डिग्री होल्डर के लिए ऑपरेशन मैनेजर, ह्यूमन रिसोर्स मैनेजर, इवेंट मैनेजर, हाॅस्पिटैलिटी मैनेजर आदि के तौर पर आगे बढ़ने के मौके होते हैं.

प्रवेश दिलायेंगी ये परीक्षाएं

देश के शीर्ष बिजनेस स्कूलों एवं मैनेजमेंट संस्थानों में मैनेजमेंट कोर्सेज में प्रेवश के लिए राष्ट्रीय स्तर पर प्रवेश परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं. इनमें से कॉमन एडमिशन टेस्ट (कैट) एक प्रमुख प्रवेश परीक्षा है. मैनेजमेंट के क्षेत्र में करियर बनाने की चाह रखने वाला हर उम्मीदवार इस परीक्षा के बार में जानता है और सबसे पहले इसमें ही सफलता पाने का प्रयास करता है. इसके अलावा मैनेजमेंट एप्टीट्यूट टेस्ट (मैट), कॉमन मैनेजमेंट एडमिशन टेस्ट (सीमैट), जेवियर एप्टीट्यूड टेस्ट (एक्सएट), इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन ट्रेड (आइआइएफटी), ग्रेजुएट मैनेजमेंट एडमिशन टेस्ट (जीमैट) आदि के स्कोर के माध्यम से मैनेजमेंट कोर्स में प्रवेश की राह बनती है. 50 प्रतिशत अंकों के साथ ग्रेजुएशन के बाद मैनेजमेंट कोर्स में प्रवेश के लिए होने वाली इन परीक्षाओं के लिए आवेदन किया जा सकता है.

परीक्षा के लिए खुद को करें तैयार

देश के सभी इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आइआइएम) में प्रवेश के लिए कैट का आयोजन 26 नवंबर, 2017 को किया जायेगा. इस परीक्षा में शामिल होने के लिए आवेदन की प्रकिया 20 सितंबर तक जारी है. इसी तरह देश के प्रमुख बी स्कूल में प्रवेश दिलानेवाले मैट का आयोजन सितंबर 2017 में होगा. सीमैट के लिए आवेदन की प्रकिया अक्तूबर, 2017 में शुरू होने एवं परीक्षा का आयोजन जनवरी, 2018 में होने की संभावना है. जेवियर एप्टीट्यूड टेस्ट के लिए आवेदन शुरू हो चुके हैं, जो नवंबर, 2017 तक जारी रहेंगे. इस परीक्षा का आयोजन जनवरी, 2018 के पहले सप्ताह में किया जायेगा. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन ट्रेड से इंटरनेशनल बिजनेस में एमबीए करने के लिए आइआइएफटी की परीक्षा का आयोजन 26, नवंबर 2017 को किया जायेगा. इसमें शामिल होने के लिए 8 सितंबर, 2017 तक आवेदन कर सकते हैं.

सफलता के लिए जरूरी टिप्स

मैनेजमेंट कोर्सेज में प्रवेश की लिए आयोजित की जाने वाली ज्यादातर अखिल भारतीय परीक्षाओं का पैटर्न तकरीबन मिलता-जुलता होता है. इनमें वस्तुनिष्ठ प्रकार के बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाते हैं, जिनमें क्वांटिटेटिव एबिलिटी,वर्बल एबिलिटी, डाटा इंटरप्रिटेशन एवं लॉजिकल रिजनिंग शामिल होता है. इसके साथ ही कुछ परीक्षाअों में इंग्लिश ग्रामर, वोकैब्युलेरी,जनरल नॉलेज का सेक्शन भी होता है. आप तय योजना के अनुसार सभी परीक्षाओं की तैयारी को एक साथ अंतिम रूप दे सकते हैं.

इन क्षेत्रों पर करें फोकस

अंग्रेजी भाषा, जैसे वोकैब्युलेरी, ग्रामर, इक्स्प्रेशन पर कमान दुरुस्त करें. सफलता के लिए लॉजिकल एवं रीजनिंग एबिलिटी पर पकड़ बेहद जरूरी है. इसके लिए मैथ्स एवं स्टेटिस्टिक्स की बेसिक नॉलेज के अलावा लॉजिकल थिकिंग भी जरूरी है. सामान्य ज्ञान को बेहतर करने के लिए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की समसामयिक घटनाओं पर गहरी नजर रखें.

ये हैं सफलता के पांच मंत्र

आपने अगर किसी अच्छे संस्थान में मैनेजमेंट कोर्स में प्रवेश का इरादा पक्का कर लिया है, तो इन पांच मूल मंत्र को अपनी तैयारी का हिस्सा बनायें. ये मंत्र हैं- सीखना, अभ्यास, समर्पण/प्रतिबद्धता, समय प्रबंधन एवं प्रेरणा. किसी भी परीक्षा के लिए टाइम मैनेजमेंट खास अहमियत रखता है. इसलिए पाठ्यक्रम के हर हिस्से को अच्छे से तैयार करने के लिए समय प्रबंधन सही रखें. पिछले वर्षाें के प्रश्न-पत्र प्रश्नों को हल करने का अभ्यास करें. इससे पैटर्न काे समझने में भी मदद मिलेगी. अपने भाषा कौशल और संचार क्षमता पर काम करना शुरू करें. तैयारी में इंटरनेट की मदद लेना भी उपयोगी होगा. ऑनलाइन टेस्ट देने का अभ्यास करें. किन विषयों में आप कमजोर हैं, उसे पहचानें और निरंतर सुधार के लिए उस पर काम करें.