Sunday, September 24, 2017
स्टडी मटेरिल

डिजास्टर मैनेजमेंट में संवारें अपना करियर

डिजास्टर मैनेजमेंट में संवारें अपना करियर

 

डिजास्टर मैनेजमेंट यानी आपदा प्रबंधन. आज के दौर का एक महत्वपूर्ण विषय है. आये दिन प्राकृतिक एवं मानव निर्मित आपदाओं से निपटने के लिए इस क्षेत्र के पेशेवरों की काफी जरूरत होती है. ऐसे में हाल के वर्षों में डिजास्टर मैनेजमेंट के क्षेत्र में नौकरी की संभावनाएं बढ़ गयी हैं. अगर आप आपदा में घिरे लोगों की मदद करना चाहते हैं तो यह कोर्स आपके करियर के लिहाज से बेहतर है.

प्राकृतिक आपदाओं से निबटने में है अहम भूमिका

इन दिनों बिहार, असम आदि राज्यों से लगातार बाढ़ की खबरें आ रही हैं. कुछ दिनों पहले हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन से बड़े पैमाने पर हुई तबाही की खबर आयी थी. हर वर्ष देश के अलग-अलग हिस्सों में आनेवाली इस तरह की प्राकृतिक आपदाओं, जैसे बाढ़, भूकंप, भूस्खलन आदि से निबटने में डिजास्टर मैनेजमेंट अहम भूमिका निभाता है. साथ ही मानव निर्मित आपदाओं, जैसे आंतकी हमलों, रेल दुर्घटनाओं आदि में भी डिजास्टर मैनेजमेंट प्रोफेशनल्स खास भूमिका अदा करते हैं.

डिजास्टर मैनेजमेंट के कई कोर्स हो रहे संचालित

आज देश के कई प्रमुख संस्थानों में डिजास्टर मैनेजमेंट से संबंधित कोर्स संचालित किये जा रहे हैं. अगर आपदा में घिरे लोगों की मदद करने की आपकी इच्छा है और आपदाग्रस्त इलाकों में काम करने का साहस है, तो आप डिजास्टर मैनेजमेंट का कोर्स कर अपना करियर संवार सकते हैं.

डिजास्टर मैनेजमेंट की करें पढ़ाई

देश के कुछ चुनिंदा संस्थान डिजास्टर मैनेजमेंट में सर्टिफिकेट, पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा, मास्टर डिग्री कोर्स एवं पीएचडी प्रोग्राम संचालित करते हैं. इस विषय में सर्टिफिकेट एवं बैचलर कोर्स के लिए 12वीं पास एवं पीजी डिप्लोमा या मास्टर डिग्री प्रोग्राम में प्रवेश के लिए ग्रेजुएशन (बीए/बीएससी/बीकॉम) होना जरूरी है. आप डिजास्टर मैनेजमेंट में सर्टिफिकेट कोर्स, पीजी डिप्लोमा,बीए, एमए, एमबीए, एमएससी, एमफिल, पीएचडी, रिसर्च एवं ट्रेनिंग प्रोग्राम आदि कर सकते हैं. इस क्षेत्र से जुड़े कुछ अन्य कोर्स हैं, डिजास्टर मिटिगेशन में एमएससी, जिओ-हैजर्ड में एमएससी एवं पीजी डिप्लोमा, सर्टिफिकेट/ अवेयरनेस कोर्स, फायर इंजीनियरिंग एवं सेफ्टी में डिग्री/ डिप्लोमा कोर्स, अर्थक्वेक इंजीनियरिंग में एमटेक एवं पीएचडी आदि.

पीएचडी के लिए मास्टर डिग्री में 55 फीसदी अंक हो

डिजास्टर मैनेजमेंट में पीएचडी करने के लिए इससे संबंधित विषय में 55 प्रतिशत अंकों के साथ मास्टर डिग्री होना आवश्यक है. हालांकि, विश्वविद्यालय के अनुसार प्रवेश के मानदंड अलग-अलग हो सकते हैं. डिजास्टर मैनेजमेंट के कोर्स सभी विषयों के छात्र कर सकते हैं, लेकिन समाजशास्त्र, सोशल वर्क, अर्थशास्त्र, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, मनोविज्ञान, भूगोल, भूविज्ञान, मौसम विज्ञान और कृषि छात्रों के लिए यह एक बेहतरीन विकल्प है. इन विषयों का बुनियादी ज्ञान आपदा प्रबंधन में उपयोगी साबित हो सकता है.

इन संस्थानों से करें डिजास्टर मैनेजमेंट का कोर्स

देश के प्रमुख संस्थानों में डिजास्टर मैनेजमेंट में यूजी, पीजी, डिप्लोमा एवं अन्य कोर्स संचालित होते हैं- इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, नयी दिल्ली. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इकोलॉजी एंड एनवायर्नमेंट, नयी दिल्ली. गुरु गाेविंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी, दिल्ली. यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ बंगाल, दार्जिलिंग. इंटरनेशनल सेंटर ऑफ मद्रास यूनिवर्सिटी. महात्मा गांधी विश्वविद्यालय, कोट्टायम. डिजास्टर मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट, भोपाल. सेंटर फॉर डिजास्टर मैनेजमेंट, महाराष्ट्र. नेशनल सिविल डिफेन्स कॉलेज, नागपुर. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजास्टर मैनेजमेंट, दिल्ली. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, रुड़की. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ रिमोट सेंसिंग, देहरादून. एनवायर्नमेंट प्रोटेक्शन ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, हैदराबाद. डिजास्टर मिटिगेशन इंस्टीट्यूट, अहमदाबाद. टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज, मुंबई.

डिजास्टर मैनेजमेंट की भूमिका

आपदा के दौरान एवं आपदा के बाद डिजास्टर मैनेजमेंट में प्रशिक्षित मैनपावर की जरूरत होती है. प्रशिक्षित मैनपावर आपदा प्रभावित लोगों के त्वरित पुनर्वास में मदद करता है, उनकी मनोवैज्ञानिक स्थितियों को समझता है और आपदा से निबटने में मदद करता है. इस क्षेत्र में नियोजन और नीति बनाने के लिए प्रशिक्षित और अनुभवी पेशेवरों की बहुत जरूरत है. देश में गृह मंत्रालय एक ऐसी नोडल एजेंसी है, जो आपदाओं पर नजर रखती है और प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य जीवन बहाल करने का प्रबंधन करती है. इसके साथ कृषि एवं रेल मंत्रालय समेत कई अन्य मंत्रालय अपने-अपने स्तर पर आपदा प्रंबंधन में अहम भूमिका निभाते हैं. लेकिन इन सबके साथ डिजास्टर मैनेजमेंट में प्रशिक्षित लोग आपदा के वक्त सबसे बहुमूल्य होते हैं.

यहां हैं कैरियर के मौके

डिजास्टर मैनेजमेंट का कोर्स करनेवालों के लिए सरकारी एवं प्राइवेट दोनों क्षेत्रों में जॉब के मौके मौजूद हैं. डिजास्टर मैनेजमेंट के क्षेत्र में सरकारी विभागों, आपातकालीन सेवाओं, लॉ इन्फोर्समेंट, लोकल अथॉरिटीज, रिलीफ एजेंसीज, गैर सरकारी प्रतिष्ठानों और युनाइटेड नेशन जैसी अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों में नौकरियों की अच्छी संभावनाएं हैं. प्राइवेट सेक्टर में भी जॉब के कई विकल्प हैं, जैसे केमिकल, माइनिंग, पेट्रोलियम जैसी रिस्क इंडस्ट्रीज में कैरियर बना सकते हैं. इन सभी इंडस्ट्रीज में डिजास्टर मैनेजमेंट सेल होता है. अंतरराष्ट्रीय संगठन जैसे रेडक्रॉस, विश्व बैंक, एशियाई विकास बैंक (एडीबी), संयुक्त राष्ट्र संगठन (यूएनओ), यूनेस्को प्रशिक्षण प्राप्त आपदा प्रबंधन पेशेवरों के लिए विभिन्न अवसर प्रदान करते हैं.