Tuesday, August 21, 2018
अन्य

वर्ष 2022 तक रीयलिटी और कंस्ट्रक्शन क्षेत्र में डेढ़ करोड़ नौकरियां की बन रही हैं संभावनाएं...जानें कैसे

वर्ष 2022 तक रीयलिटी और कंस्ट्रक्शन क्षेत्र में डेढ़ करोड़ नौकरियां की बन रही हैं संभावनाएं...जानें कैसे
II ब्रह्मानंद मिश्र II
रीयल एस्टेट व कंस्ट्रक्शन क्षेत्र में तकनीकी रूप से दक्ष और प्रबंधन के जानकारों की मांग में बीते वर्षों में तेजी से इजाफा हुआ है. आर्थिक सर्वेक्षण समेत कई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आगामी पांच वर्षों में प्रशिक्षित कामगारों की मांग में और तेजी आयेगी. ऐसे में प्रोफेशनल डिग्री कर रहे या आगे प्रवेश की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए यह सकारात्मक संकेत है. कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री में बढ़ती संभावनाओं और कैरियर विकल्पों की विस्तृत जानकारी के साथ प्रस्तुत है इस बार की कवर स्टोरी...
 
देश में कृषि क्षेत्र के बाद रीयल एस्टेट एवं कंस्ट्रक्शन सेक्टर सर्वाधिक रोजगार मुहैया करानेवाले क्षेत्र के तौर पर जाना जाता है. इस सेक्टर में शामिल कार्यबल में लगभग 90 फीसदी कामगार और प्रोफेशनल सीधे तौर पर निर्माण कार्यों शामिल होते हैं. इस क्षेत्र में प्रशिक्षित लोगों के साथ-साथ बड़ी संख्या में अकुशल कामगारों को भी रोजगार मिलता है.
 
शेष दस प्रतिशत रोजगार निर्माण कार्य संपन्न होने के बाद मिलता है, जिसमें फिनिशिंग, प्लबिंग और अन्य सेवाओं को बेहतर बनाने जैसे कार्य शामिल होते हैं. इस सेक्टर में क्लेरिकल, टेक्नीशियन, इंजीनियर जैसे प्रोफेशन के लिए ढेरों मौके होते हैं, लेकिन 80 प्रतिशत से अधिक रोजगार कम योग्यता रखनेवाले कामगारों को मिलता है. राष्ट्रीय कौशल विकास परिषद (एनएसडीसी) के अनुमान के मुताबिक वर्ष 2022 तक रीयल एस्टेट एवं कंस्ट्रक्शन सेक्टर में 6.6 करोड़ रोजगार पैदा होंगे. मौजूदा कार्यबल के मुकाबले अगामी पांच वर्षों में डेढ़ करोड़ नयी नौकरियां का सृजन होगा, यानी हर साल औसतन लगभग 30 लाख नौकरियों का अनुमान है.
 
रीयल एस्टेट सेक्टर में क्यों बन रही हैं संभावनाएं
 
हाल के वर्षों में सरकार ने शहरी विकास और ढांचागत सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में कई बड़े कदम उठाये हैं. वर्ष 2015-16 में देश के ग्रॉस वैल्यू एडेड में 7.7 प्रतिशत की हिस्सेदारी वाले रीयल एस्टेट सेक्टर में कई अहम बदलाव प्रस्तावित हैं. हालांकि, बीते तीन वर्षों के दौरान इस सेक्टर में गिरावट का रुख देखा गया था, लेकिन रीयल एस्टेट (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट) एक्ट के बाद संभावनाओं की दिशा एक बार फिर स्पष्ट दिखने लगी हैं. मौजूदा बजट में सरकार ने नेशनल हाउसिंग बैंक में ‘अफोर्डबल हाउसिंग फंड’ बनाने की घोषणा की है. 
 
वर्ष 2022 तक प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक करोड़ मकान बनाने का लक्ष्य रखा गया है. इसके अलावा ढांचागत विकास से जुड़ी कई योजनाओं के क्रियान्वयन से निश्चित ही कंस्ट्रक्शन के क्षेत्र में रोजगार बढ़ेंगे. विकास कार्यों में प्रशिक्षित कार्यबल की भूमिका सबसे अहम है. ऐसे में इस इंडस्ट्री से सीधे तौर पर जुड़े क्षेत्रों -कंस्ट्रक्शन, इन्फ्रॉस्ट्रक्चर, इन्वेस्टमेंट और असेट मैनेजमेंट में भरपूर मौके बनेंगे. इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर, मैनेजर और मार्केटिंग प्रोफेशनल्स के लिए यह सेक्टर निकट भविष्य में कैरियर की बेजोड़ बुनियाद तैयार कर सकता है.

जानें कैरियर विकल्पों के बारे में
 
रीयल एस्टेट और कंस्ट्रक्शन क्षेत्र में बड़ी संख्या में प्रशिक्षित कार्यबल की दरकार होने के बावजूद इससे संबंधित कोर्स और प्रोग्राम संचालित करनेवाले संस्थानों या विश्वविद्यालयों की संख्या बहुत सीमित है. अलग-अलग क्षेत्रों से आनेवाले प्रोफेशनल्स के लिए भी यहां कैरियर बनाने के मौके होते हैं. आर्किटेक्ट, प्लानर, प्रॉपर्टी मैनेजर, क्वांटिटी सर्वेयर, फैसिलिटी मैनेजर जैसे जॉब प्रोफाइल यहां स्पेशलाइज्ड कैरियर के तौर पर देखा जाता है. इंजीनियर और आर्किटेक्ट व प्लानर इस सेक्टर की रीढ़ के रूप में काम करते हैं. इसके अलावा फाइनेंस एनालिस्ट, सेल्स प्रोफेशनल, मार्केटिंग प्रोफेशनल, चार्टर्ड अकाउंटेंट, एडवोकेट, बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग रूप में भी इस सेक्टर में काम किया जा सकता है.
 
कैसे करें इंडस्ट्री में प्रवेश
 
सामान्य स्नातक : यदि आप रीयल एस्टेट के कॉरपोरेट फंक्शन का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो स्नातक के बाद स्पेशलाइज्ड कोर्स कर इस इंडस्ट्री में बेहतर भविष्य तलाश सकते हैं. 
 
कंस्ट्रक्शन मैनेजमेंट में प्रमुख कोर्स
 
- मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन इन कंस्ट्रक्शन मैनेजमेंट
- मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी इन कंस्ट्रक्शन मैनेजमेंट
- पीजी डिप्लोमा इन कंस्ट्रक्शन मैनेजमेंट
- पीजी डिप्लोमा इन एडवांस्ड कंस्ट्रक्शन मैनेजमेंट
- सर्टिफिकेट कोर्स इन कंस्ट्रक्शन कांट्रैक्ट मैनेजेमेंट/ कंस्ट्रक्शन क्वालिटी मैनेजमेंट

प्रमुख संस्थान
 
- नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कंस्ट्रक्शन मैनेजमेंट एंड रिसर्च (एनआईसीएमएआर).
- इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मद्रास (आईआईटी, मद्रास).
- इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, दिल्ली (आईआईटी, दिल्ली).
- इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (इग्नू), नयी दिल्ली.
 
रीयल एस्टेट बिजनेस, प्रबंधन, लीगल समेत इस इंडस्ट्री के विभिन्न पहलुओंसे रू-ब-रू होना चाहते हैं, तो आप रीयल एस्टेट मैनेजमेंट या कंस्ट्रक्शन मैनेजमेंट में एमबीए या पीजी डिप्लोमा कर सकते हैं. इसके अलावा मार्केटिंग, फाइनेंस, सेल्स और एडमिनिस्ट्रेटिव कोर्स कर इस क्षेत्र में सं‌भावनाएं तलाश सकते हैं.
 
सिविल इंजीनियरिंग स्नातक : रीयल एस्टेट सेक्टर में सिविल इंजीनियरिंग स्नातक युवाओं के लिए भरपूर मौके होते हैं. प्रतिष्ठित संस्थानों से सिविल इंजीनियरिंग ग्रेजुएट लेटेस्ट टूल्स और टेक्नोलॉजी से अपडेट होते हैं, जिसकी वजह से इस सेक्टर में एेसे युवाओं को तरक्की तेज गति से मिलती है. किसी रीयल एस्टेट प्रोजेक्ट की सफलता ऐसे प्रोफेशनल की काबिलियत और मेहनत पर निर्भर होती है.
 
फाइनेंस ग्रेजुएट : फाइनेंस स्ट्रीम से स्नातक युवाओं के लिए रीयल एस्टेट बिजनेस में संभावनाएं लगातार बढ़ रही है. इन्वेस्टमेंट, वैल्युएशन और प्रोजेक्ट फिजिबिलिटी में फाइनेंस के जानकारों की बड़ी भूमिका होती है.
 
प्रोफेशनल कोर्स : आर्किटेक्चर स्नातक युवाओं के लिए यह क्षेत्र बड़ी संख्या में रोजगार देनेवाले क्षेत्र के रूप में जाना जाता है. इसके अलावा लॉ, अकाउंटिंग आदि विषयों में स्नातक युवा भी इस क्षेत्र को कैरियर की बड़ी उम्मीद के तौर पर देख सकते हैं.
 
रीयल एस्टेट मैनेजमेंट और कंस्ट्रक्शन मैनेजमेंट में एमबीए
 
रीयल एस्टेट सेक्टर में मैनेजमेंट प्रोफेशनल्स की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है. यहां मैनेजमेंट केवल मार्केटिंग तक ही सीमित नहीं है, बल्कि टेक्नोलॉजी और फंक्शनिंग में भी व्यापक कार्य है. रीयल एस्टेट मैनेजमेंट में पढ़ाई की बात करें, तो इसमें अर्बन प्लानिंग, डिजाइन, रीयल एस्टेट से जुड़े कायदे-कानून और प्रोजेक्ट आदि का बारीकी से अध्ययन कराया जाता है. 
 
रीयल एस्टेट एंड अर्बन इन्फ्रास्ट्रक्चर में बीबीए और एमबीए किया जा सकता है. इसके अलावा कई प्रतिष्ठित संस्थान प्रोजेक्ट इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट, कंस्ट्रक्शन इकोनॉमिक्स एंड क्यूएस, इन्फ्रॉस्ट्रक्चर फाइनेंस और डेवलपमेंट व मैनेजमेंट में विभिन्न प्रकार का फुलटाइम और शॉर्टटाइम कोर्स उपलब्ध कराते हैं.
 
कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट मैनेजमेंट इस सेक्टर मेंप्रवेश दिलानेवाला एक बेहतर कोर्स माना जाता है. इसमें एमबीए के अलावा पीजी डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्सेज उपलब्ध हैं. कंस्ट्रक्शन मैनेजमेंट से जुड़े प्रोफेशनल के लिए इस सेक्टर के पांच प्रमुख कार्यक्षेत्रों रेजिडेंशियल, कॉमर्शियल, हैवी सिविल, इंडस्ट्रियल और एन्वायर्नमेंट में अच्छा कैरियर शुरू करने का मौका होता है.