Saturday, December 15, 2018
ओपिनियन

छुट्टियों में समर कोर्स का उठाएं फायदा

छुट्टियों में समर कोर्स का उठाएं फायदा

 छुट्टियां नजदीक आ गयी हैं, तो यह प्लानिंग करना आवश्यक है कि इन समय का बेहतरीन तरीके से उपयोग कैसे किया जाये. यह एक ऐसा समय है, जिसमें या तो आप मजे करें या फिर जीवन में कुछ पाना है तो कुछ नया सीखें. कुछ अपने मन का करें, कुछ अपनी हॉबी को पूरा करें. ऐसे में समर ट्रेनिंग कोर्स काफी अहम हैं और कई निजी व सरकारी संस्थान मई-जून के महीने में कई तरह के कोर्स संचालित करते हैं.

समय बदल चुका है और समय के साथ खुद को बदलना अधिक समझदारी है.
 
जिस तरह के हरेक फील्ड में भीड़ है, प्रतियोगिता है, जाहिर है कि खुद को बाजार के अनुरूप ढालना सबसे बड़ी चुनौती है और ऐसे में समय के साथ और कम समय में अपनी काबिलियत को बढ़ाना फायदेमंद हो सकता है. आज का हर युवा अपने स्तर से काफी मेहनत करता है, अपना सौ फीसदी परफॉर्मेंस देता है, बावजूद इसके वे ही लोग सफल होते हैं, जो औरों से हटकर होते हैं. उनमें भीड़ से हटकर कुछ न कुछ गुण तो जरूर होते हैं, जिसके कारण वे सफल होते हैं. ऐसे में असल बात यह है कि ये वे गुण नहीं होते, जो वे अपने जन्म के साथ प्राप्त करते हैं, बल्कि वे गुण होते हैं जो उन्होंने संघर्ष के साथ प्राप्त किया है.
 
 ऐसे प्रतिस्पर्धी दौर में जब गर्मी की छुट्टियां शुरू होनेवाली है, तो क्यों न ऐसा कुछ किया जाये, जो मन का हो, जिसमें हमारी रुचि हो और हमारी काबिलियत में इजाफा हो. यह आज की डिमांड है और यही कारण है कि वैश्विक तौर पर समर टर्म कोर्स करने के प्रति युवाओं का बड़ा रुझान देखा गया है. अब तो अपने देश की तमाम संस्थाओं के साथ-साथ पटना, भागलपुर, रांची, जमशेदपुर, धनबाद जैसे शहरों की विभिन्न संस्थाएं भी ऐसे समर टर्म कोर्स आयोजित कर रही हैं और लोग अपने-अपने विषयों को लेकर ज्ञान प्राप्त कर रहे हैं. ये संस्थाएं थोड़ी-बहुत फीस लेकर प्रशिक्षण के बाद प्रमाणपत्र भी मुहैया करा रही हैं.
 
किस तरह का करें कोर्स
 
समर कोर्स के तहत पर्सनालिटी निखारने से जुड़े तमाम विषयों से लेकर अपनी हॉबी से जुड़े कोर्स कर सकते हैं. यदि आपको अंग्रेजी बोलने में हिचक होती है, तो आप इंग्लिश स्पीकिंग का शार्ट टर्म कोर्स कर सकते हैं. यदि आपकी रुचि नाटक में है, तो थियेटर से जुड़े कोर्स कर सकते हैं. यदि आपको सिलाई-कटाई-बुनाई में दिलचस्पी है, तो इससे जुड़े कोर्स भी कई निजी संस्था आयोजित करती हैं, वहां जाकर आप कोर्स कर सकते हैं. इसके अलावा, आर्ट-कल्चर, राइटिंग, स्पीकिंग से जुड़े कोर्स भी हर उम्र के बच्चों और छात्रों के लिए संचालित किये जाते हैं. जो छात्र किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए भी बाजार में तमाम कोर्स उपलब्ध हैं. इसके अलावा जो छात्र उच्च अध्ययन से जुड़े हुए हैं, उनके लिए भी तमाम संस्थान और विश्वविद्यालय भी समर टर्म कोर्स संचालित करते हैं.
 
कैसा होता है यह कोर्स
 
सभी समर कोर्स की अवधि तय नहीं होती है. कुछ कोर्स एक हफ्ते के होते हैं, तो कुछ लगातार दो महीने तक चलते हैं. कुछ ऐसे भी कोर्स होते हैं जिनके क्लास सिर्फ और सिर्फ वीक डेज में संचालित होते हैं. कई कोर्स की क्लास सुबह या फिर शाम में ही होती है. जो जैसा कोर्स है, उसका समय वैसा ही निर्धारित होता है. ऐसे में जिस विषय के कोर्स में छात्रों की रुचि हो या फिर आवश्यकता हो, अपने समय के हिसाब से इन गर्मी की छुट्टियों का फायदा उठाना चाहिए.
कहां से करें कोर्स
यह काफी अहम सवाल है कि समर कोर्स कहां से करें. यदि आप किसी छोटे शहर या गांव में रह रहे हैं और स्थिति ऐसी है कि वहां से बाहर निकलना संभव नहीं है, तो वहां पता करें कि क्या कोई संस्थान इस तरह के कोर्स संचालित कर रहा है. यदि कर रहा है, तो वह संस्थान कैसा है और उसके बारे में लोगों से फीडबैक जरूर लें और मनोनुकूल कोर्स हो तो जरूर करें. बड़े शहरों में स्थित संस्थान के कोर्स को भी देखें. नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा, साहित्य अकादमी सहित कई राष्ट्रीय संस्थान भी छोटे-छोटे शहरों में इस तरह के कोर्स आयोजित करते हैं, उनकी भी जानकारी हासिल करें. इसके अलावा कई संस्थान, विभिन्न अख़बारों में भी समर कोर्स के बारे में विज्ञापन देते हैं, उसे भी देखें और अपने मनपसंद कोर्स करके अपने पर्सनालिटी में निखार लायें.