Saturday, December 15, 2018
ओपिनियन

फूड टेक्नोलॉजी से पकड़ें तरक्की की राह

फूड टेक्नोलॉजी से पकड़ें तरक्की की राह

 अच्छा और स्वादिष्ट खाने का शौक भला किसे नहीं होगा, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो खाने से इतर भोजन को एक रोचक विषय के रूप में देखते हैं. वे खाद्य पदार्थों के उत्पादन और रख-रखाव से जुड़ी तकनीकों और विज्ञान को समझने में रुचि रखते हैं. ऐसे युवाओं के लिए फूड टेक्नोलॉजी निश्चित रूप से दिलचस्प कैरियर विकल्प है. फूड टेक्नोलॉजी विज्ञान की वह शाखा है, जिसमें खाद्य पदार्थों के पोषक तत्वों को सुरक्षित रखने के लिए केमिकल, फिजिकल व माइक्रोबायोलॉजिकल प्रक्रियाओं का अध्ययन किया जाता है. साथ ही इस विज्ञान के माध्यम से विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थों के उत्पादन, भंडारण, परीक्षण, पैकेजिंग व वितरण को समझा जाता है.

फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) की रिपोर्ट के अनुसार भारतीय खाद्य सेवा बाजार (संगठित और असंगठित) 2017 में 3,37,500 करोड़ रुपये का अनुमान लगाया गया और आनेवाले पांच वर्षों में यानी 2022 तक 10 प्रतिशत सीएजीआर की बढ़त के साथ 5,52,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है.
 
साथ ही खाद्य सेवा क्षेत्र से वित्तीय वर्ष 2016 में 55 से 60 लाख लोगों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार उत्पन्न होने की संभावना जतायी गयी थी, जिसके वर्ष 2021 तक सालाना 85 से 90 लाख तक पहुंचने की उम्मीद है. ऐसे में फूड टेक्नोलॉजिस्ट के रूप में आप भी इस क्षेत्र में अपने लिए तरक्की की राह तलाश सकते हैं.
 
इस क्षेत्र के लिए जरूरी है तकनीकी जानकारी
 
फूड टेक्नोलॉजी कोर्स के अंतर्गत खाद्य संरक्षण तकनीक, जेनेटिक्स, फूड पैकेजिंग, माइक्रोबायोलॉजी आदि को शामिल किया जाता है. भारत में फूड टेक्नोलॉजी से संबंधित डिग्री व डिप्लोमा दोनों प्रकार के कोर्स उपलब्ध हैं. फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स एवं बॉयोलॉजी से 12वीं पास करनेवाले छात्र इसके बैचलर कोर्स में प्रवेश ले सकते हैं. बैचलर कोर्स पूरा करने के बाद मास्टर्स प्रोग्राम के लिए भी आवेदन किया जा सकता है. साथ ही होम साइंस, न्यूट्रीशन, डायटीशियन एवं होटल मैनेजमेंट में स्नातक करनेवाले छात्र फूड टेक्नोलॉजी में उच्च शिक्षा हासिल कर सकते हैं. ऐसे कुछ डिप्लोमा कोर्सेज भी हैं, जो अन्य विषयों के साथ 12वीं पास करनेवाले छात्रों को फूड टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में प्रवेश का मौका देते हैं.
 
इसके अतिरिक्त वैज्ञानिक सोच, समस्या को सुलझाने की क्षमता, भोजन पोषण और स्वास्थ्य में रुचि, अच्छा संचार कौशल और टीम स्पिरिट ऐसे गुण हैं, जो इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए काफी मददगार साबित होते हैं. विशेषज्ञों की मानें तो कुछ बेसिक स्किल्स जैसे - नयी चीजों को जानने व समझने की जिज्ञासा, निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत और फूड व न्यूट्रीशन के संदर्भ में होनेवाले साइंटिफिक एवं टेक्नोलॉजिकल बदलावों के बारे में अपडेट रहना, वे गुण हैं, तो छात्रों को अपने लक्ष्य की अाेर बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं.
कम नहीं हैं चुनौतियां
 
भले ही फूड टेक्नोलॉजी एक बहुमुखी क्षेत्र है, लेकिन इस इंडस्ट्री के प्रोफेशनल्स को भी तमाम प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. बड़ी चुनौती ऐसे उत्पादों को तैयार करना है, जो स्वादिष्ट के साथ बेहतर गुणवत्ता वाले हों. सीमित संसाधनों में अच्छी सप्लाई चेन बनाये रखना भी महत्वपूर्ण चुनौती है. खाद्य पदार्थ के मामले में उपभोक्ताओं में स्वादिष्ट, अच्छी क्वालिटी और वाजिब कीमत वाले प्रोडक्ट्स की मांग लगातार बढ़ रही है.
 
नये खाद्य कानूनों के चलते खाद्य पदार्थों के निर्माण में ऐसे तत्वों का प्रयोग करने को बढ़ावा दिया जा रहा है, जो लोगों में हृदय रोग, मधुमेह और कैंसर जैसी बीमरियों के जोखिम को कम कर सके. ऐसे में स्वाद में परिवर्तन किये बिना इस प्रकार के पदार्थों का निर्माण फूड टेक्नोलॉजिस्ट के लिए काफी चुनौतीपूर्ण है. इसके अतिरिक्त विदेशी ब्रांड्स की भारत में बढ़ती उपलब्धता के चलते देसी ब्रांड्स के लिए काॅम्पीटिशन काफी कठिन हो गया है. ऐसे में उपयुक्त दाम में प्रोड्क्ट की गुणवत्ता को बेहतर बनाये रखने के लिए फूड टेक्नोलॉजिस्ट को कड़ी मेहनत करनी पड़ती है.
 
पिछले कुछ वर्षों में भारतीय खाद्य बाजार वृद्धि और उच्च लाभवाले क्षेत्र के रूप में उभरा है. बीते वर्ष जहां भारत में खाद्य सेवा बाजार के 3,37,500 करोड़ तक होने का अनुमान लगाया गया था, वहीं आनेवाले पांच वर्षों में 10 प्रतिशत सीएजीआर की बढ़त के साथ इसके 5,52,000 करोड़ तक पहुंचने की संभावना जतायी जा रही हैं.
 
इसी के चलते वर्ष 2021 तक इस क्षेत्र में 8.5  लाख से नौ लाख रोजगार विकसित हाेने का अनुमान है. ऐसे में यदि आप खान-पान के संरक्षण एवं गुणवत्ता से जुड़े विज्ञान को समझने में रुचि रखते हैं, तो फूड टेक्नोलॉजिस्ट के रूप में इस क्षेत्र में प्रवेश कर सकते हैं.