Sunday, September 24, 2017
ओपिनियन

धैर्यवान बनने के लिए हमें क्या करना चाहिए?

धैर्यवान बनने के लिए हमें क्या करना चाहिए?

 कुछ विशेष बातों और आदतों  को  जीवन में शामिल कर धैर्यवान बना जा सकता है.

नियम को समझें

जब आप कोई पेड़ लगाते हैं, तो यह उम्मीद नहीं रखते हैं कि यह पेड़ अगले दिन, अगले महीने या अगले साल ही फल देने लग जायेगा. आप इस बात को भलीभांति जानते हैं कि किसी भी बीज को पेड़ बनने में और उसके फलदार वृक्ष बनने में समय लगता है. ठीक इसी तरह आपको यह भी समझना होगा कि अापके द्वारा किये गये कार्यों का फल मिलने में समय लगेगा. जब एक बार आप इस सत्य को समझ जायेंगे, तो आपके भीतर अपने आप ही धैर्य उत्पन्न हो जायेगा. 

खुद पर काबू रखें

अधीर होना एक आदत है, जो हमारे जीवन के हर क्षेत्र में शामिल होता है. अगर आपके पास धैर्य नहीं है, तो आप प्रलोभनों से खुद को बचा नहीं पायेंगे. आपको खुद पर काबू रखने का अभ्यास करना चाहिए. इसे इस तरह से अमल में लाया जा सकता है. अगर आप स्वादिष्ट भोजन का स्वाद पहले लेना चाहते हैं, तो ऐसा सबसे बाद में करें. इस तरह के सरल कार्य को धीरे-धीरे कर अपने जीवन का हिस्सा बना लें. 

कठिन कार्य पहले करें

धैर्य हमारे मस्तिष्क की वह क्षमता है जो हमारी अनुचित इच्छाओं को दबा देती है. अपने मन को सशक्त बनाने का सबसे अच्छा तरीका है अनचाहे कार्य को सबसे पहले अपने हाथ में लेना. धीरे-धीरे आपके भीतर इतना धैर्य उत्पन्न हो जायेगा कि आप खुशियों के आधार पर चीजों को चुनने की बजाय महत्ता के आधार पर उसका चुनाव करेंगे.

सब्र रखें

अापने संभवत: इस कहावत को सुनी होगी - सब्र का फल मीठा होता है. यही समय है जब आपको अपने राेजमर्रा के जीवन में इस आदत को शामिल करना शुरू कर देना चाहिए. किसी भी चीज के लिए जल्दबाजी मत कीजिये. मात्रा की बजाय गुणवत्ता पर ध्यान दें. अपने काम को पूरा करने की जल्दबाजी में न रहें. अपने कार्य और उसे पूरा करने की प्रक्रिया का पूरा आनंद लें. लक्ष्य के बारे में सोचने की बजाय अपने काम में डूब जायें.

डॉ अवधेश सिंह आइआरएस अिधकारी, आइआइटीयन, लेखक