Sunday, March 26, 2017
ओपिनियन

अंगरेजी में है अच्छी पकड़ तो आगे बढ़ने के कई हैं विकल्प

अंगरेजी में है अच्छी पकड़ तो आगे बढ़ने के कई हैं विकल्प
अनिल सेठी 
मोटिवेटर एंड काउंसेलर 
- मैं इंगलिश ऑनर्स से पीजी कर रहा हूं, अब जाॅब करना चाहता हूं. लेकिन मैंने कोई कंप्यूटर कोर्स नहीं किया है. इसके बाद क्या करूं कि मुझे एक अच्छी जाॅब मिल सके? कृपया मुझे सही रास्ता बताएं.  किशन कुमार इंगलिश ऑनर्स से पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद बहुत से कैरियर विकल्प आपके लिए उपलब्ध हैं. आप अपनी रुचि के अनुसार कैरियर चुन सकते हैं, जैसे कंटेंट राइटर, ऑथर, रिपोर्टर, रिसर्च एनालिस्ट आदि. आप  पब्लिक रिलेशन/ एडवरटाइजिंग सेक्टर में जॉब हासिल कर सकते हैं. इसके अलावा आप पीजी के बाद कुछ कोर्स कर के भी कैरियर चुन सकते हैं. 
 
आप विदेशी भाषा, जैसे चीनी भाषा, फ्रेंच, स्पेनिश, जापानी, जर्मन आदि में से किसी एक का कोर्स कर के ट्रांसलेटर, टूर कोऑर्डिनेटर, इंटरनेशनल बिजनेस आदि में कैरियर बना सकते हैं. अंगरेजी के साथ हिंदी भाषा में अगर आपकी पकड़ अच्छी है, तो आप मीडिया, मास कम्युनिकेशन जैसे कोर्स कर के मीडिया के क्षेत्र में मजबूत कैरियर बना सकते हैं. कंप्यूटर का नॉलेज अाज-कल हर जॉब के लिए बेहतर होता है. कंप्यूटर की जहां तक बात है, तो आप तीन महीने का पार्ट टाइम या एक महीने का वीकेंड  कंप्यूटर बेसिक कोर्स कर लें. यह आपके कैरियर में बहुत मददगार होगा, क्योंकि कंप्यूटर की बेसिक जानकारी अब हर जाॅब के लिए बेहतर मानी जाती है. इसके अलावा आपके पास टीचिंग का भी विकल्प है. आप बीएड या नेट के साथ पीएचडी कर के इसमें आगे बढ़ सकते हैं. 
 
- मैं इसरो में वैज्ञानिक बनना चाहता हूं. लेकिन मेरे 12वीं (पीसीएम) में सिर्फ 45 प्रतिशत अंक आये हैं. कम अंकाें की वजह से क्या भविष्य में दिक्कत होगी? या फिर से परीक्षा दूं? बहुत असमंजस में हूं, मार्गदर्शन करें. 
 
- अंशु कुमार  
 
इसरों में अच्छी जॉब के लिए एमटेक जरूरी माना जाता है. एमटेक एक पोस्ट ग्रेजुएशन डिग्री है, इससे पहले आपको बीटेक करना होगा. किसी भी अच्छे कॉलेज में बीटेक कोर्स में एडमिशन के लिए 12वीं का प्रतिशत और प्रवेश परीक्षा का मेरिट दोनों ही देखा जाता है.
 
हालांकि, कुछ प्राइवेट इंस्टीट्यूट आपको कम प्रतिशत के साथ भी बीटेक में एडमिशन तो दे सकते हैं, लेकिन इसके बाद आगे की सफलता  आपकी मेहनत पर निर्भर करेगी. इसरो में जॉब पाने के लिए  आगे आपका अकादमिक प्रदर्शन अच्छा होना चाहिए. आप प्रथम श्रेणी या उससे भी अधिक अंक हासिल करेंगे, तो अच्छा होगा, क्योंकि  इसरो मेरिट के आधार पर  रिटेन टेस्ट के लिए बुलाता है. आप किसी भी स्ट्रीम से कंप्यूटर साइंस/ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन/  सिविल/ इलेक्ट्रिकल आदि में से किसी भी विषय में बीटेक के साथ स्पेशलाइजेशन कर के आगे बढ़ सकते हैं.  
 
- मैं बारहवीं का छात्र हूं और कंप्यूटर साइंस में बीटेक करना चाहता हूं. कृपया आइआइटी एवं एनआइटी को छोड़ कर दूसरे अच्छे संस्थानों एवं प्रवेश की प्रक्रिया बताएं.                
 
- बलवंत कुमार 
 
जेइइ (ज्वाॅइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन) के द्वारा सभी नामी और ज्यादातर  सरकारी संस्थानों में  बीटेक में एडमिशन मिलता है, जैसे आइआइटी, एनआइटी, बीआइटी, बीआइटीएस, आइआइआइटी. इसके अलावा हर राज्य की अपनी एक प्रवेश परीक्षा होती है, उसको पास कर के राज्य के इंजीनियरिंग कॉलेजों में मेरिट के आधार पर आपको बीटेक में प्रवेश मिल सकता है.  इसके अलावा  बहुत से प्राइवेट विश्वविद्यालय भी अपनी प्रवेश परीक्षा आयोजित करते हैं, जैसे मणिपाल, लवली, एसआरएम आदि. कुछ और प्रवेश परीक्षाएं हैं- वीआइटी इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जामिनेशन (वीआइटीइइइ), वेस्ट बंगाल ज्वाॅइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (डब्ल्यूबीजेइइ), महाराष्ट्र कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (एमएचटीसीइटी), उत्तर प्रदेश स्टेट एंट्रेंस एग्जाम (यूपीएसइइ). 
 
- बीकॉम तृतीय वर्ष  का छात्र हूं. मेरी अकाउंट में बहुत रुचि है, लेकिन  इंगलिश कमजोर है.  कुछ समझ नहीं आ रहा है आगे क्या करूं कि अच्छा कैरियर बन सके.
 
 - प्रमोद वर्मा 
 
आज ग्लोबलाइजेशन के दौर में इंगलिश से दोस्ती करना आपके लिए बहुत फायदेमंद होगा. इंगलिश से दोस्ती करने से आपको कैरियर आगे बढ़ाने में मदद होगी. आप थोड़ी मेहनत कर के इंगलिश बेहतर कर सकते हैं. 
 
हमारे देश में लोग अपनी मातृभाषा से सोचते हैं फिर उसको इंगलिश में ट्रांसलेट करते हैं, एेसे में बहुत से शब्दों के इंगलिश शब्द नहीं मिल पाते और हम लोग हिचकिचाते रह जाते हैं. आप एक डिक्शनरी  खरीदें और रोजाना 3-4 पेज पढ़ें. इसके अलावा एक दो लोगों (भाई, बहन या दोस्तों)  के साथ इंगलिश बोलने की भी प्रैक्टिस करें. 2-3 महीने में आपको बहुत अच्छी सफलता मिल जायेगी. अपनी अंगरेजी को बेहतर करने के साथ आप बीकॉम के बाद कंप्यूटर कोर्स  (फाइनेंस) या एमबीए (पोस्ट ग्रेजुएशन) करें, तो अच्छा कैरियर बनाने में मदद मिलेगी.