Tuesday, August 22, 2017
एग्जाम

क्या आप 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा दे रहे हैं? अगर हां तो इसे जरूर पढ़ें

क्या आप 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा दे रहे हैं? अगर हां तो इसे जरूर पढ़ें
-आशीष आदर्श-


केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के मुताबिक, कक्षा 10 और 12 की परीक्षाएं 9 मार्च से शुरू होंगी. बिहार और झारखंड बोर्ड की परीक्षाएं भी लगभग इसी अवधि में शुरू होंगी. बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी में जुटे छात्रों के लिए अगले 40-50 दिनों की तैयारी बेहतर भविष्य की नींव रखेगी. बचे हुए दिनों में पूरे पाठ्यक्रम को समेटने और तैयारी को पुख्ता करने में जुटे छात्रों के मन में इस दौरान कई आशंकाएं बैठ जाती हैं, जिससे वे अपना बेहतर प्रदर्शन करने से चूक जाते हैं. आप परीक्षा के भय से बाहर निकल कर कैसे योजनाबद्ध तैयारी से मनमाफिक रिजल्ट ला सकते हैं? कैसे आप कम समय में टाइम मैनेजमेंट से पूरे कोर्स को दोहरा सकते हैं? 
 
 
कैरियर कंसल्टेंट
 
पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम ने एक बार कहा था- किसी परीक्षा की तैयारी करना हमेशा उसी तरह होता है, जैसे किसी व्यक्ति द्वारा दुबला या मोटा होने की प्लानिंग करना, जिस प्रकार आप एक दिन में मोटे या पतले नहीं हो सकते, आपकी परीक्षा की तैयारी भी बगैर लंबी रणनीति के पूरी नहीं हो सकती. कलाम का यह कथन कई मायनों में खास है. यह विशेषकर उन छात्रों की इस सोच को दरकिनार करता है, जो यह सोचते हैं कि परीक्षा के कुछ दिनों में ज्यादा पढ़ाई कर बेहतर रिजल्ट हासिल किया जा सकता है. संभव है कि ऐसा करने से आपको परीक्षा में ठीक ठाक नंबर आ जायें, लेकिन निश्चित रूप से आनेवाले समय में आप अपने कैरियर में अवश्य खुद को पिछड़ता हुआ पायेंगे.
 
कुछ ही दिनों में मैट्रिक और बारहवीं की परीक्षा शुरू होनेवाली हैं और आपने कमर कस ही ली होगी. क्या कभी आपने कभी यह सोचा है कि एक ही परीक्षा और तैयारी के बावजूद क्यों दूसरों को अधिक अंक आते हैं और आपको कम? ऐसा क्या करते हैं वे छात्र, जो परीक्षा के साथ कैरियर की दौड़ में भी आपसे आगे खड़े मिलते हैं? क्या वे कोई खास रणनीति अपनाते हैं? तो आइए, हम आज बिंदुवार बात करेंगे सफल छात्रों द्वारा अपनाये जानेवाली उन 10 बातों पर, जिसे अपना कर आप भी बेहतर कर सकते हैं- 
 
क्या आपका टाइम टेबल तैयार है?
 
परीक्षा की तैयारी को अंतिम रूप देने की पहली सीढ़ी है- आपका स्टडी प्लान. अब तक आपको यह समझ आ ही गया होगा कि आपको किस विषय में और कितनी तैयारी की आवश्यकता है. इसी बात को ध्यान में रख कर अपने स्टडी प्लान को फाइनल करें. प्लान में ‘रीविजन’ का भी एक हिस्सा होना चाहिए, जिसे आप प्रत्येक दिन अभ्यास करेंगे.
 
पढ़ाई के घंटे गिनना बंद करें
 
जब आपसे कोई पूछता है कि परीक्षा की तैयारी कैसी चल रही है, तो आप जवाब देते हैं कि मैं तो रोज इतने घंटे पढ़ता हूं. यह गलत रणनीति है. अपनी पढ़ाई के घंटे गिनना बंद कीजिये और उस दिन का एक निश्चित टास्क पूरा करने की रणनीति बनाइये. घंटे गिनने से आप स्वयं को संतुष्ट कर लेते हैं और आपकी तैयारी भी पूरी नहीं हो पाती.
 
पिछले तीन वर्ष के सैंपल प्रश्नपत्र निकालें
 
अक्सर यह बात उन लोगों को कही जाती है, जो किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करते हैं. लेकिन, मेरा मानना है कि मैट्रिक और बारहवीं की परीक्षा की अंतिम तैयारी में भी यह अवश्य करना चाहिए. एक बार ऐसा कर लेने से आपका आत्मविश्वास दोगुना हो जायेगा. यकीन नहीं तो करके देख लीजिये.
 
अगले तीन माह के लिए सोशल मीडिया को कहें गुड-बाय
 
एक अनुमान के अनुसार, गत पांच वर्षों में युवाओं का 69 प्रतिशत समय पर केवल सोशल मीडिया का कब्जा रहा है. यह प्रतिशत 24 घंटे में केवल 16 घंटे के आधार पर निकाला गया है, क्योंकि आठ घंटे सोने के लिए अलग कर दिया गया है. आप सोच सकते हैं कि आपका कितना कीमती समय सोशल मीडिया की भेंट चढ़ रहा है और आपको पता भी नहीं चलता. बेहतर है कि आप अगले तीन माह इसे ‘गुड बाय’ कह दें. बहुत जरूरी हो तो 24 घंटे में अधिकतम 10 मिनट का समय तय कर लें और फिर अगले 24 घंटे के लिए इससे बाहर निकल जायें.
अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें
 
अक्सर हम रात को जाग कर पढ़ाई करने की रणनीति को बेहतर मानते हुए खुद की पीठ थपथपाते रहते हैं कि हमने आज रात भर पढ़ाई की. यह आपके स्वास्थ्य को धीरे-धीरे प्रभावित कर सकता है और शारीरिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति कभी भी मानसिक श्रम पूरी ईमानदारी से नहीं कर सकता. इसलिए हर दिन कम-से-कम आठ घंटे अवश्य सोयें और खान-पान का विशेष ध्यान रखें. अपने खाने में हरी सब्जी को अवश्य शामिल करें और फैट से भरी चीजों से अगले कुछ समय के लिए परहेज करें.
 
अपनी ‘स्ट्रेंथ’ और ‘वीकनेस’ पर मंथन करें
 
हर छात्र के कुछ ‘स्ट्रेंथ’ और कुछ ‘वीकनेस’ होते हैं. कुछ छात्रों की राइटिंग स्किल बेहतर होती है, तो कुछ लोग न्यूमेरिकल्स बेहतर कर पाते हैं. आप थोड़ा मंथन कर यह आसानी से जान सकते हैं कि आपमें खास क्या है. अब हमें अपनी ‘वीकनेस’ को ठीक करने के लिए सार्थक प्रयास करना है. अपनी वीकनेस को लेकर अपने अभिभावक या शिक्षक से खुल कर डिस्कस करें. आपको अपने सामने समाधान खड़ा नजर आयेगा.
शंका के समाधान का समय यही है
 
जिस प्रकार जब हम कहीं बाहर जाने की तैयारी करने के समय जब अपने सामान मिलाते हैं, तो हमें पता चलता है कि अमुक सामान छूट गया है, उसी प्रकार परीक्षा की अंतिम तैयारी करते समय अपनी शंकाओं की सूची को बेहद महत्व दें. शंका के समाधान मिलने से घुमावदार प्रश्न भी आप हल करने की क्षमता प्राप्त कर लेंगे.
 
की-वर्ड को अवश्य याद रखें
 
आपकी उत्तर पुस्तिका से परीक्षक को यह आभास अवश्य हो जाना चाहिए कि आपको विषय का गहरा ज्ञान है. इस काम में की-वर्ड (विशेष संकेतक शब्द) विशेष सहायक होता है. अपना उत्तर लिखते समय इन शब्दों को हाइलाइट करें. इसका असर आपको अपने परीक्षा फल में नजर आयेगा.
 
डर के आगे जीत है
 
अक्सर कई छात्र परीक्षा के नाम पर डर जाते हैं, जिसे ‘एग्जाम फोबिया’ कहते हैं. जब आप डर रहे होते हैं, तो आपका मन विचलित और अशांत हो जाता है, और फिर आप अपनी सामान्य क्षमता वाला काम भी ठीक से नहीं कर पाते. परीक्षा हॉल में प्रश्नपत्र मिलने के बाद आंखें बंद कर लंबी सांस अंदर खींचें और छोड़ें. ऐसा 4-5 बार करें और फिर प्रश्नपत्र पर नजर डालें. आप देखेंगे कि आपके अंदर किसी नयी ऊर्जा का संचार हो गया है और आपका डर हवा हो गया है.
 
टाइम मैनेजमेंट भी है जरूरी
 
और अंत में, एक बात का विशेष ध्यान करें. समय सीमा के भीतर अपने काम को पूरा कर उसे रीविजन करने के लिए आवश्यक है कि आपका टाइम मैनेजमेंट दुरुस्त हो. अपने तीन घंटे की परीक्षा में प्रारंभ के 10 मिनट प्रश्नपत्र पढ़ने और यह तय करने के लिए कि किस प्रश्न का उत्तर पहले दिया जाये और प्रश्न हल कर लेने के बाद कम से कम 20 मिनट सभी उत्तरों को कम से कम दो बार मिलान करने के लिए अवश्य रखें. 
अपने टाइम मैनेजमेंट को ठीक करने का सबसे कारगर तरीका है कि पिछले वर्ष के प्रश्नपत्रों को समय सीमा में हल करें. टाइम मैनेजमेंट का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आप इस बात की शिकायत नहीं कर पायेंगे कि अमुक प्रश्न को हल करने का मुझे समय नहीं मिला. 
 
किसी विचारक ने कहा था, यदि आपको किसी पेड़ को काटने में आठ घंटे लगते हैं, तो चार घंटे अपनी कुल्हाड़ी की धार तेज करने में लगाइये, इससे काम अधिक गति से होगा. यदि हम अपनी तैयारी की धार तेज कर पाये, तो परीक्षा फल निश्चित रूप से रणनीति का पुरस्कार देगा.