Saturday, December 15, 2018
इंजीनियरिंग

सुनहरे भविष्य की उम्मीद ग्रीन एनर्जी सेक्टर

सुनहरे भविष्य की उम्मीद ग्रीन एनर्जी सेक्टर

 तीन लाख नयी नौकरियां!

ग्रीन एनर्जी इंडस्ट्री के विकास और विस्तार से एनर्जी इंजीनियरिंग के अलावा अलग-अलग प्रोफेशन की पढ़ाई कर आनेवाले युवाओं के लिए बेशुमार मौके बन रहे हैं. हमारे देश में जिस तेजी से स्वच्छ ऊर्जा के प्रति जन जागरूकता बढ़ रही है, निश्चित इस क्षेत्र में जानकारों की मांग भी बढ़ेगी. कई हालिया सर्वे बताते हैं कि एन्वायर्नमेंटल साइंस व इंजीनियरिंग में रोजगार सृजन और तरक्की की संभावनाएं व्यापक हो रही हैं. इस बार की कवर स्टोरी में पढ़िये इस क्षेत्र में कोर्स, कैरियर और भविष्य की संभावनाओं के बारे में...
व्यापक हैं संभावनाएं
 
जिस तरह से पर्यावरण को बचाने के लिए सरकार और गैर सरकारी संगठनों द्वारा जोर-शोर से काम किया जा रहा है. यह क्षेत्र युवाओं के लिए नौकरी की असीम संभावनाएं उपलब्ध करा रहा है. चूंकि, यह इंजीनियरिंग की परंपरागत शाखाओं से अलग है, इस वजह से इस क्षेत्र में अब भी कुशल पेशेवरों की काफी कमी है. पर्यावरणीय सक्रियता के कारण पर्यावरण संबंधी शोध कार्यों में तेजी आयी है. इंटरनेशनल लेबर ऑर्गेनाइजेशन (आईएलओ) की रिपोर्ट के मुताबिक, देश के नवीकरणीय ऊर्जा के लक्ष्य को पूरा करने के लिए भारत ने 2022 तक रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर से 175 गीगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा है. इस काम को पूरा करने के लिए सोलर और विंड एनर्जी के सेक्टर में तीन लाख से ज्यादा कामगारों की जरूरत होगी. वहीं इस फील्ड में 2030 तक दुनियाभर में 2.4 करोड़ नयी नौकरियां पैदा होंगी. ऐसे में सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है कि युवाओं के लिए इस क्षेत्र में काफी मौके हैं.
 
पि छले कुछ दशक में वैश्विक स्तर पर पर्यावरण काफी प्रदूषित हुआ है. प्रदूषण की यह रफ्तार बढ़ती ही जा रही है, लेकिन अब प्रदूषण के दुष्प्रभावों को लेकर लोग सजग होने लगे हैं. वैज्ञानिक और रिसर्च इंस्टीट्यूट पर्यावरण में हो रहे प्रदूषण को रोकने और उसके दुष्प्रभावों को खत्म करने के लिए नित नये प्रयास कर रहे हैं. वहीं नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है. पर्यावरण पर बढ़ते रिसर्च ने इस क्षेत्र में युवाओें के लिए कैरियर के नये रास्ते खोले हैं. इंटरनेशनल लेबर ऑर्गेनाइजेशन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2022 तक भारत में रिन्यूएबल एनर्जी (खासकर सोलर एनर्जी और विंड एनर्जी) के फील्ड में तीन लाख लोगों को नौकरियां मिलने की उम्मीद है. ऐसे में ग्रीन एनर्जी फील्ड युवाओं के कैरियर के लिहाज से काफी बेहतरीन साबित हो सकते हैं.
 
एन्वायर्नमेंटल इंजीनियरिंग और एन्वायर्नमेंट साइंस
 
एन्वायर्नमेंटल इंजीनियरिंग, इंजीनियरिंग की एक विशेष शाखा है. इसमें पर्यावरण और उससे जुड़े मुद्दों पर काम किया जाता है. दरअसल, एन्वायर्नमेंटल इंजीनियरिंग विज्ञान और इंजीनियरिंग का मिला-जुला रूप है. एन्वायर्नमेंटल इंजीनियर पर्यावरण के सुधार और विकास के लिए विज्ञान और इंजीनियरिंग दोनों तरीकों का इस्तेमाल करते हैं.
रिन्यूएबल एनर्जी
 
रिन्यूएबल एनर्जी से संबंधित कुछ कोर्स देश के कई संस्थानों में शुरू हुए हैं. इसमें खास तौर पर सोलर एनर्जी, विंड एनर्जी और रिन्यूएबल एनर्जी से संबंधित विशेषज्ञता के बारे में सैद्धांतिक और व्यवहारिक ज्ञान दिया जाता है. इसमें सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, एडवांस डिप्लोमा और पीजी डिप्लोमा लेवल के कोर्स कराये जा रहे हैं.<पेज दो पर जारी...
संजाएं कैरियर
 
क्यूलिनरी आर्ट्स में 
 
क्यूलिनरी आर्ट्स यानी पाक कला रचनात्मकता से पूर्ण ऐसा कैरियर, जिसकी होटल और हॉस्पिटेलिटी इंडस्ट्री में भरपूर मांग है. शेफ के रूप में अच्छे कैरियर की भरपूर संभावनाएं तो हैं ही, साथ यदि आपके अंदर कुछ नया करने का हुनर और जुनून है, तो एक सेलिब्रेटी शेफ के रूप में अलग पहचान बना सकते हैं.
 
एजुकेशन4अवसर डेस्क
 
दु नियाभर में फूड और हॉस्पिटेलिटी इंडस्ट्री युवाओं को अलग-अलग प्रकार के आकर्षक कैरियर विकल्प उपलब्ध कराती है. इस क्षेत्र में आनेवाले युवाओं के लिए शेफ, कैटरर्स, इंस्टीट्यूशनल कुक, होटल व रेस्त्रां मैनेजर, कैफे अटेंडेंट तमाम प्रोफेशन हैं, जहां तरक्की की भरपूर संभावनाएं मौजूद होती हैं. इस क्षेत्र में बेहतर भविष्य की उम्मीद लिये छात्र क्यूलिनरी आर्ट्स यानी पाक कला की बकायदा पढ़ाई करके आते हैं. एक प्रशिक्षित और पाक कला में माहिर शेफ को होटल/ हॉस्पिटेलिटी इंडस्ट्री में अच्छा पैकेज ऑफर किया जाता है. यहां आपके पास क्यूलिनरी स्किल के साथ-साथ अपने पैशन और क्रिएटिविटी दिखाने का भरपूर मौका होता है, जो तरक्की की बुनियाद रखता है. आज के दौर में शेफ किसी होटल या रेस्त्रां में काम करनेवाला एक प्रोफेशनल ही नहीं है, बल्कि आज कई ऐसे कई नामी-गिरामी शेफ हैं, जो सेलीब्रिटी के तौर पर देश-दुनिया में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं. अगर आपके अंदर रचनात्मकता के साथ प्रबंधन जैसी कला भी मौजूद है, निश्चित ही एंटरप्रेन्योरशिप में संभावनाओं की कोई कमी नहीं है, आप खुद का स्पेशलाइज्ड फूड आउटलेट भी शुरू कर सकते हैं.
क्यूलिनरी आर्ट्स में करें बीबीए
 
यदि आप क्यूलिनरी आर्ट्स सीख कर होटल/ हॉस्पिटेलिटी में कैरियर बनाना चाहते हैं, तो आप बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (बीबीए) कर एक बेहतरीन शुरुआत कर सकते हैं. यह मौका दे रहा है- इंडियन क्यूलिनरी इंस्टीट्यूट, नोएडा व तिरुपति कैंपस. यह प्रोग्राम संयुक्त रूप से इंडियन क्यूलिनरी इंस्टीट्यूट और इंदिरा गांधी नेशनल ट्राइबल यूनिवर्सिटी द्वारा संचालित किया जाता है. तीन वर्षीय इस प्रोग्राम के दौरान स्किल, नॉलेज और एप्टीट्यूड पर विशेष रूप से फोकस किया जाता है, जिससे हॉस्पिटेलिटी सेक्टर में शेफ/ किचन मैनेजमेंट और एक बेहतर क्यूलिनरी स्पेशलिस्ट की बुनियाद तैयार किया जा सके.
क्या है शैक्षणिक योग्यता
बीबीए-क्यूलिनरी आर्ट्स में प्रवेश के लिए अभ्यर्थी का किसी मान्यता बोर्ड से न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों (अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति के लिए 45 प्रतिशत) के साथ 12वीं पास होना अनिवार्य है. अर्हता परीक्षा के अंतिम वर्ष में शामिल हो रहे छात्र भी आवेदन के पात्र हैं, बशर्ते 30 सितंबर, 2018 से पहले निर्धारित योग्यता प्राप्त कर लेने का प्रमाण प्रस्तुत करना होगा.
 
आयु सीमा : सामान्य व अन्य पिछड़ा वर्ग के आवेदकों की आयु 1 अगस्त, 2018 को 22 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए. अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति वर्ग के आवेदकों के लिए ऊपरी आयु सीमा 27 वर्ष रखी गयी है.
टेस्ट पास करने पर मिलेगा एडमिशन
 
आईसीआई के बीबीए प्रोग्राम की 120 सीटों (तिरुपति कैंपस-60 सीटें और नोएडा कैंपस-60 सीटें) पर प्रवेश के लिए 1 जुलाई, 2018 को संयुक्त प्रवेश परीक्षा आयोजित की जायेगी. दो घंटे अवधि की लिखित परीक्षा में कुल 100 प्रश्न पूछे जायेंगे. प्रश्नपत्र में न्यूमेरिकल एबिलिटी व एनालिटिकल एप्टीट्यूड, रीजनिंग व लॉजिकल डिडक्शन, जनरल नॉलेज व करेंट अफेयर्स, इंग्लिश लैंग्वेज से 15-15 प्रश्न और एप्टीट्यूड फॉर सर्विस सेक्टर से 40 प्रश्न होंगे. परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग व्यवस्था लागू नहीं होगी.
 
कैसे करें आवेदन  
 
अभ्यर्थी इंडियन क्यूलिनरी इंस्टीट्यूट की आधिकारिक वेबसाइट http://ici.nic.in पर जाकर 15 जून, 2018 से पहले ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन की एक प्रति को आवेदन शुल्क के डिमांड ड्रॉफ्ट (1000 रुपये, एससी/एसटी के लिए 500 रुपये) और सभी संबंधित संलग्नकों के साथ निम्न पते पर 21 जून, 2018 से पहले भेजना होगा.
 
आवेदन के लिए पता : इन-चार्ज फाइनेंस ऑफिसर, इंडियन क्यूलिनरी इंस्टीट्यूट, सी/ओ, नेशनल काउंसिल फॉर होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी, ए-34, सेक्टर-62, नोएडा-201309.
 
अन्य जानकारी के लिए देखें : http://ici.nic.in/sites/default/files/BBA%20Culinary%20Art%20Brochure.pdf