Sunday, November 19, 2017
इंजीनियरिंग

इंजीनियरिंग में उच्च शिक्षा का आगाज

इंजीनियरिंग में उच्च शिक्षा का आगाज
ब्रह्मानंद मिश्र
भविष्य में इंजीनियर बनने का सपना पाले लाखों किशोरों के लिए जेइइ किसी लाइफ चेंजिंग इंवेंट की तरह है. संस्थान और कोर्स के स्तर को तय करनेवाले संयुक्त प्रवेश परीक्षा यानी जेइइ मेन और जेइइ (एडवांस्ड) इंजीनियरिंग अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम में दाखिले से पहले अभ्यर्थी की क्षमता को आंकते हैं. जेइइ मेन-2017 के लिए आवेदन शुरू हो चुके हैं. अगले चार-पांच महीनों की योजनाबद्ध तैयारी आपके कैरियर की दशा और दिशा तय करेगी. जेइइ मेन-2017 में नया क्या है, परीक्षा की तैयारी और विभिन्न जानकारियों के बारे में इस बार कवर स्टोरी में पढ़ें विस्तार से...
 
इंजीनियरिंग भारतीय युवाओं को सबसे अधिक आकर्षित करनेवाला कैरियर रहा है. खास बात यह है कि इस क्षेत्र में कैरियर बनाने के लिए न केवल शहरी किशोर ललायित रहते हैं, बल्कि दूरदराज गांवों में भी स्नातक का मतलब ही इंजीनियरिंग स्नातक होता जा रहा है. 
 
यही वजह है कि स्कूली शिक्षा के बाद इंजीनियरिंग में डिग्री/ डिप्लोमा में प्रवेश लेनेवालों की संख्या लाखों में होती है. लेकिन सबसे बड़ी चुनौती अच्छे कोर्स और अच्छे कॉलेज के चुनाव की होती है और इस मनमाफिक मुकाम पर पहुंचने के लिए प्रवेश परीक्षा की बाधा पार करनी होती है.
 
प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसइ) द्वारा आयोजित की जाती है. जेइइ मेन नाम से देशभर विभिन्न केंद्रों पर आयोजित इस परीक्षा में सफल छात्र एनआइटी, आइआइआइटी, सीएफटीआइ और कई राज्य स्तरीय कॉलेजों में प्रवेश के लिए पात्र हो जाते हैं. हालांकि, देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में शुमार आइआइटी में दाखिले के लिए एक और चरण जेइइ (एडवांस्ड) को पास करना होता है. जेइइ मेन- 2017 के लिए ऑनलाइन आवेदन 1 दिसंबर, 2016 से 2 जनवरी, 2017 तक किया जा सकता है.
 
इंजीनियरिंग सेक्टर और संभावनाएं
 
इंजीनियरिंग सेक्टर के संबल के बिना भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास की कल्पना ही नहीं की जा सकती. मैन्युफैक्चरिंग और इन्फ्रॉस्ट्रक्चर सेक्टर दोनों ही इंजीनियरिंग के पूरक हैं. हाल के वर्षों में इन्फ्रॉस्ट्रक्चर और इंडस्ट्रियल सेक्टर में निवेश बढ़ने से भारतीय इंजीनियरिंग सेक्टर में बढ़ोतरी देखी गयी है. इस क्षेत्र के महत्व को देखते हुए इंजीनियरिंग गुड्स, प्रोडक्ट और सर्विसेज को प्रोत्सााहित करने के लिए भारत सरकार ने इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (इइपीसी) का गठन किया है. जून 2014 में भारत 17 देशों के बेहद महत्वपूर्ण समूह वाशिंगटन समझौते (डब्ल्यूए) का स्थायी सदस्य बन चुका है. इससे इंजीनियरिंग अध्ययन को बढ़ावा मिलेगा और भारतीय इंजीनियरों के लिए देश-विदेश में सहूलियतें बढ़ेंगी.
 
आइबीइएफ के अनुसार, वित्त वर्ष 2017 में भारत का कैपिटल गुड्स और इंजीनियरिंग टर्नओवर 125.4 बिलियन डॉलर पहुंच सकता है. भारतीय इंजीनियरिंग में विदेशी निवेशकों की खास रुचि रहती है. डिपार्टमेंट ऑफ इंडस्ट्रियल पॉलिसी एंड प्रमोशन के मुताबिक अप्रैल 2000 से मार्च 2016 के बीच विभिन्न मेकेनिकल और इंजीनियरिंग इंडस्ट्री में 3068.1 मिलियन डॉलर की एफडीआइ आयी है.
 
दो बड़े बदलावों के साथ जेइइ मेन-2017
 
मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार 5वीं संयुक्त प्रवेश परीक्षा (मेन)-2017 का आयोजन 2 अप्रैल, 2017 को किया जायेगा.
 
जेइइ मेन- 2017
ऑनलाइन आवेदन : 1 दिसंबर, 2016 से 2 जनवरी, 2017
प्रवेश परीक्षा : 2 अप्रैल, 2017
वेबसाइट : http://jeemain.nic.
in/webinfo/Public/Home.aspx
जेइइ एडवांस्ड-2017
आवेदन : 28 अप्रैल, 2017 से 2 मई, 2017
प्रवेश परीक्षा : 21 मई, 2017
पेपर-1 : 9:00 से 12:00 बजे
पेपर-2 : 14:00 से 17:00 बजे
वेबसाइट : www.jeemain.nic.in.
 
इस परीक्षा में सफल छात्र एनआइटी, आइआइआइटी और केंद्रीय वित्त पोषित तकनीकी संस्थानों के अंडरग्रेजुएट इंजीनियरिंग प्रोग्राम में प्रवेश ले सकेंगे.
 
1- इस बार से जेइइ (मेन) में 12वीं कक्षा में प्राप्त अंकों को रैंक में शामिल नहीं किया जायेगा.2- आइआइटी/ एनआइटी/ आइआइआइटी या किसी अन्य सीएफटीआइ के लिए जेइइ (मेन)/ जेइइ (एडवांस्ड) में सफल अभ्यर्थी का 12वीं में कम-से-कम 75 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण होना जरूरी है. या संबंधित बोर्ड के 12वीं के टॉप 20 पर्सेंटाइल में होना चाहिए. अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्रों के लिए अंकों की सीमा 65 प्रतिशत तय की गयी है.
 
जेइइ मेन-2017 से कहां मिलेगा प्रवेश
 
जो छात्र आइआइटी/ आइएसएम धनबाद में प्रवेश लेना चाहते हैं, उन्हें जेइइ मेन के बाद जेइइ (एडवांस्ड) में शामिल होना होगा. यानी जेइइ (एडवांस्ड) के लिए जेइइ (मेन) एक पात्रता परीक्षा होगी. एनआइटी, आइआइआइटी और सीएफआइटी के इंजीनियरिंग कार्यक्रमों में प्रवेश पांचवीं संयुक्त प्रवेश (मेन)-2017 में प्रदर्शन के आधार पर होगा. 
 
इसके अलावा गुजरात, मध्य प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड, नागालैंड और ओड़िशा राज्यों ने जेइइ (मेन) प्रणाली को अपनाया है. इन राज्यों के इंजीनियरिंग संस्थाओं में प्रवेश जेइइ (मेन)-2017 के आधार पर ही होगा. जेइइ (मेन) के से संबंधित विस्तृत जानकारी वेबसाइट www.jeemain.nic.in/ पर उपलब्ध है.
 
इस बार आधार है जरूरी
 
जेइइ मेन-2017 के आवेदन करते समय आपको नाम, जन्मतिथि आदि के साथ आधार नंबर का भी जिक्र करना होगा. यूआइडीएआइ डाटा से भिन्नता होने पर आपका आवेदन निरस्त हो जायेगा. जिन अभ्यर्थियों के पास आधार नहीं है, उनके लिए सीबीएसइ ने अपने स्तर पर कई शहरों में आधार पंजीकरण की व्यवस्था की है.
 
जेइइ मेन के लिए कसें कमर
 
जेइइ मेन 2 अप्रैल, 2017 को और जेइइ (एडवांस्ड) 21 मई, 2017 को आयोजित किया जायेगा. यानी अगले चार महीने की कठिन परिश्रम से आपके जीवन के बड़े बदलाव की स्क्रिप्ट तैयारी होगी.
 
मेन में सफल होने के बाद एडवांस्ड की बाधा को पार करने के लिए आपको अपनी गति बरकरार रखनी होगी. पहली बात, दिमाग से निकालने में ही भलाई है कि केवल रेगुलर कोचिंग से इस परीक्षा में सफल हुआ जाता है. एडवांस में कामयाबी के झंडे बुलंद करनेवालों में ग्रामीण क्षेत्रों से आनेवाले बच्चे पीछे नहीं है. इस परीक्षा में आप तीन बातों-अनुशासन, लगन और परिश्रम को ध्यान में रख कर अपने सपने को साकार कर सकते हैं.