Sunday, September 24, 2017
करंट अफेयर्स

संभावनाओं से भरा रहेगा यह साल

संभावनाओं से भरा रहेगा यह साल

वर्ष 2017 अनेक संभावनाएं लेकर आया है. जो पेशेवर अपनी नौकरी और कार्यक्षेत्र बदलने की सोच रहे हैं, उनके लिए भी इस साल अनेक अवसर उपलब्ध होंगे. कई फर्म्स द्वारा किये गये सर्वेक्षण के मुताबिक, इस साल बैंकिंग, फाइनेंस, स्टेटिस्टिक्स, क्लाउड कंप्यूटिंग, हेल्थकेयर, इ-कॉमर्स, मोबाइल डेवलपमेंट, सप्लाइ चेन, सेल्स व मार्केटिंग सहित टेक्निकल स्किल्स वाले प्रोफेशनल्स की काफी डिमांड रहेगी.

अगर आप नयी नौकरी की तलाश में हैं तो अपने आपको अकेला मत समझिये, 75 प्रतिशत से अधिक फुल टाइम एंप्लॉइ इस वर्ष नये अवसर और नये काम की तलाश में हैं. कैरियरबिल्डर्स 2016 की कैंडिडेट बिहेवियर स्टडी द्वारा यह बात सामने आयी है. वहीं एक दूसरी रिपोर्ट कहती है कि बीते वर्ष में भारत की वृद्धि अच्छी रही है और उम्मीद है कि आनेवाले वर्ष में भी यह बरकरार रहेगी. विदेशी फर्मों से आनेवाली नयी मांग के कारण उत्पादकता में होने वाली वृद्धि पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी जारी रहेगी. इतना ही नहीं, ज्यादा से ज्यादा विदेशी कंपनियों के भारत में निवेश के कारण भी यहां का इंफ्रास्ट्रक्चर तेज गति से आगे बढ़ रहा है.

 इस कारण भारतीय संसाधनों और श्रम शक्ति की मांग भी बढ़ी हुई है. वहीं, भारतीय कंपनियों के एंप्लॉयमेंट आउटलुक भी सकारात्मक दिखाई पड़ रहे हैं. इस संदर्भ में 80 प्रतिशत नियोक्ताओं पर किये गये सर्वेक्षण से यह बात सामने आयी है कि वर्ष 2017 में कर्मचारियों की हायरिंग एक्टिविटी काफी मजबूत स्थिति में रहेगी. इस पूरे वर्ष जितनी भी हायरिंग होगी वह हायरिंग एशिया एवरेज से अधिक होगी.

किस सेक्टर के प्रोफेशनल्स की रहेगी डिमांड

यह सच है कि भले ही आप अपने कैरियर में बदलाव चाहते हैं और इसके लिए पूरी तरह तैयार भी हैं, लेकिन अगर आपके पास कोई स्किल नहीं है, तो एक भी नियोक्ता आपको रिक्रूट करने का इच्छुक नहीं होगा. स्किल डिमांड को लेकर प्रोफेशनल साइट लिंक्डइन ने हाल ही में एक सर्वेक्षण किया है और 10 ऐसे जॉब-स्किल्स की एक सूची तैयार की है, जो इस वर्ष डिमांड में बने रहेंगे. इस सूची में क्लाउड व डिस्ट्रीब्यूटेड कंप्यूटिंग, स्टेटिस्टिकल एनालिसिस व डाटा माइनिंग, मोबाइल डेवलपमेंट, स्टोरेज सिस्टम्स व मैनेजमेंट, यूजर इंटरफेस डिजाइन, नेटवर्क व इनफॉर्मेशन सिक्योरिटी, मिडिलवेयर व इंटेग्रेशन सॉफ्टवेयर, वेब ऑर्किटेक्चर व डेवलपमेंट फ्रेमवर्क, एल्गोरिदम डिजाइन और जावा डेवलपमेंट को टॉप 10 स्किल्स में रखा गया है.

इन सर्वेक्षण में सबसे ऊपर स्टेटिस्टिक्स, क्लाउड कंप्यूटिंग व मोबाइल डेवलपमेंट स्किल्स से जुड़े प्रोफेशनल्स हैं. सर्वेक्षण में यह भी कहा गया है कि फ्रांस, जर्मनी, भारत, आयरलैंड, सिंगापुर, यूएस और स्पेन समेत बाकी देशों में बीते दो साल की तरह इस साल भी क्लाउड और डिस्ट्रीब्यूटेड कंप्यूटिंग स्किल्स की सबसे ज्यादा मांग बनी रहेगी. वहीं स्टेटिस्टिकल एनालिसिस व डाटा माइनिंग इस सूची में दूसरे स्थान पर हैं. इस वर्ष टेक्निकल स्किल्स वाले प्रोफेशनल्स की भी खासी डिमांड रहेगी. ब्यूरो ऑफ लेबर स्टेटिस्टिक्स के अनुसार, इस वर्ष नर्स, होम हेल्थकेयर एेड्स, जेनेटिक काउंसलर्स और फाइनेंशियल एडवाइजर्स की मांग में भी 25 प्रतिशत वृद्धि होने का अनुमान है.

इंटरनेशनल रिक्रूटमेंट फर्म माइकल पेज के मुताबिक, इस वर्ष फाइनेंशियल सर्विसेज के साथ ही नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियां (एनबीएफसी) भी ठोस वृद्धि दर्ज करेंगी. ये एनबीएफसी स्मॉल और मीडियम आकार के एंटरप्राइजेज के बीच काफी लोकिप्रय हैं, क्योंकि ये उनके लिए पारंपरिक बैंकों, जहां से उन्हें ऋण लेने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है, के विकल्प की तरह काम करती हैं. इस वजह से फाइनेंस और बैंकिंग प्राफेशनल्स के लिए भी यह साल बेहतर साबित होगा.

भारत में फार्मास्यूटिकल सेक्टर से जुड़े प्रोफेशनल्स का कम पैसों में मिल जाना, सस्ती जेनरिक दवाइयों की बहुतायत में बाजार में उपलब्धता, और सरकार द्वारा दवा सामग्री के उत्पादन को प्रोत्साहन देने आदि कारणों से इस वर्ष भारत में हेल्थकेयर सेक्टर के भी बेहतर बने रहने का अनुमान जताया गया है.

मध्य वर्ग के बीच घरेलू उपभाेग की वस्तुओं में इजाफा होने से इन वस्तुओं की मांग भी बढ़ती जा रही है. इस वजह से एफएमसीजी सेक्टर पर बाजार को कब्जे में लेने की होड़ बढ़ रही है. इस प्रतिस्पर्धा ने इस क्षेत्र के विकास को काफी तेज कर दिया है. 

इस तेजी के नये साल में भी बने रहने की संभावना है. इस तेजी से सेल्स व मार्केटिंग प्रोफेशनल्स की मांग भी बढ़ेगी.

इंटरनल डेवलपमेंट प्राेग्राम से खुलेगी तरक्की की राह

माइकल पेज द्वारा किये गये सर्वेक्षण के अनुसार, 79 प्रतिशत नियोक्ता अपने पुराने कर्मचारियों को बनाये रखने और नये को आकर्षित करने के लिए इंटरनल डेवलपमेंट प्रोग्राम को तरजीह दे रहे हैं, ताकि कर्मचारियों की प्रगति होती रहे. सर्वेक्षण से यह बात भी स्पष्ट हुई है कि अब कंपनियां बिना किसी लिंग भेद के प्रतिभा का चयन करने की तरफ बढ़ रही हैं. इसके साथ ही ज्यादातर नियोक्ता अपने कर्मचारियों को एक ऐसा माहौल उपलब्ध कराने की कोशिश में लगे हैं, जहां हर उम्र और क्षमता वाले कर्मचारी सफलता के शिखर पर पहुंच सकें.