Tuesday, February 21, 2017
ओपिनियन

ब्रह्मांड के रहस्यों में है रुचि तो, एस्ट्रोनॉमी है आपके लिए

ब्रह्मांड के रहस्यों में है रुचि तो, एस्ट्रोनॉमी है आपके लिए
अनिल सेठी 
मोटिवेटर एंड काउंसेलर 
- मैं बीएससी (फिजिक्स) तीसरे वर्ष में हूं और एस्ट्रोनॉमर बनना चाहता हूं. कृपया मेरा मार्गदर्शन करें. - अर्जुन सुमन 
एस्ट्रोनॉमी सबसे पुराना और आकर्षक विज्ञान है. इसमें ब्रह्मांड में होनेवाली नयी प्रगति, सूर्य, ग्रहों, तारों, धूमकेतु, आकाशगंगाओं,  उल्का, उपग्रहों आदि के बारे में पढ़ाई की जाती है.  
 
इसकी कई शाखाएं हैं, जैसे एस्ट्रोफिजिक्स, एस्ट्रोमीटिओरोलॉजी, एस्ट्रोबायोलॉजी, एस्ट्रोजियोलॉजी, एस्ट्रोमेट्री, कॉस्मोलॉजी आदि. ये सभी विषय ब्रह्मांड के रहस्यों को समझने में मदद करते हैं. इसमें फिजिक्स और मैथमेटिक्स का ज्यादा प्रयोग होता है. एस्ट्रोनॉमर बनने के लिए डॉक्टोरल डिग्री  (पीएचडी) जरूरी है, क्योंकि इसमें ज्यादातर काम रिसर्च एवं डेवलपमेंट का होता है. 
 
एस्ट्रोनॉमर बनने के लिए 12वीं की परीक्षा फिजिक्स एवं मैथ्स के साथ अच्छे नंबर से पास होना आवश्यकहै. इसके बाद एस्ट्रोनॉमी में  अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम में प्रवेश की कोशिश करें. हालांकि विश्वविद्यालयों में एस्ट्रोनॉमी के अंडरग्रेजुएट  प्रोग्राम में बहुत मुश्किल से प्रवेश मिलता है या सीटें उपलब्ध ही नहीं होतीं. इसलिए आप फिजिक्स ऑनर्स के साथ मैथमेटिक्स में भी ग्रेजुएशन कर सकते हैं. आगे पोस्ट ग्रेजुएशन में सहायक विषय के तौर पर एस्ट्रोनॉमी ले सकते हैं. एमएससी के बाद आप एस्ट्रोनॉमी में स्पेशलाइजेशन के लिए इसमें पीएचडी कर  सकते हैं. पीएचडी कर के एस्ट्रोनाॅमर/ एस्ट्रोनॉट/ ऐस्ट्रोफिजिसिस्ट या साइंटिस्ट/ रिसर्च ऑफिसर आदि बन सकते हैं. शैक्षणिक योग्यता के अलावा आपके अंदर कुछ और गुणों का होना भी जरूरी है, जैसे जिज्ञासा, जोश, एकाग्रता, विश्लेषणात्मक मानसिकता, धैर्य, संचार कौशल, लगातार लंबे समय तक कार्य करने की क्षमता आदि. एस्ट्रोनाॅमर के लिए गवर्नमेंट, सेना और अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन, इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक  उपकरणों के निर्माण क्षेत्रों में कैरियर उपलब्ध हैं. 
 
इसके अलावा अनुसंधान, विकास एवं परीक्षण प्रयोगशाला, वेधशाला, नक्षत्र-भवन, साइंस पार्क जैसे विकल्प भी हैं. कुछ बड़े संस्थान, जो एस्ट्रोनॉमर के लिए   सपनों की मंजिल हैं-  भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो), विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (वीएसएससी), नासा हैं. हमारे देश में एस्ट्रोनॉमी में पोस्ट ग्रेजुएशन और पीएचडी के लिए कुछ संस्थान  निम्नलिखित हैं- उस्मानिया विश्वविद्यालय : कॉलेज ऑफ साइंस, हैदराबाद. कोचीन विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय : डिपार्टमेंट ऑफ ऐट्मोस्फेरिक साइंस, कोच्चि (केरल). आंध्र विश्वविद्यालय : कॉलेज ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, विशाखापट्नम. 
 
- मैं बीएससी फिजिक्स (ऑनर्स) की छात्र हूं. ग्रेजुएशन के बाद कोई प्रोफेशनल जॉब करना चाहती हूं. इसके लिए मुझे क्या करना चाहिए? - किरण प्रिया 
 
आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में पोस्ट ग्रेजुएशन अच्छे कैरियर के लिए बेहतर रहता है. इसका यह मतलब नहीं है कि आपको ग्रेजुएशन के बाद जॉब नहीं मिल सकती. आपके लिए बहुत से विकल्प हैं प्राइवेट एवं गवर्नमेंट सेक्टर दोनों में. गवर्नमेंट सेक्टर के कुछ ऑर्गनाइजेशन हैं-
डीआरडीओ, वीएसएससी, इसरो, एसएसपीएल अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र.  फिजिक्स ग्रेजुएट्स के लिए कुछ जॉब क्षेत्र हैं, जैसे लैब सुपरवाइजर, अनुसंधानकर्ता, तकनीशियन, शिक्षक, प्रबंधक, वैज्ञानिक, कंस्लटिंग फिजिसिस्ट, रिसर्च एसोसिएट, सहायक वैज्ञानिक, रेडिएशन एंकोलॉजिस्ट, रेडियोलॉजिस्ट. कुछ और संस्थान, जो आपके लिए उपयुक्त हैं- रिसर्च इंस्टीट्यूट, लेबोरेटरी एवं इंस्टीट्यूट, एजुकेशनल इंस्टीट्यूट, एग्रीकल्चरल रिसर्च सर्विस,  हॉस्पिटल, पावर जेनरेटिंग कंपनियां, एविएशन इंडस्ट्री, कंस्ट्रक्शन फर्म्स. 
- मैं बीएससी बायोटेक्नोलॉजी में प्रवेश लेना चाहता हूं. कृपया इसके बारे में विस्तार से बताएं. 
 
- मोहम्मद समर 
 
बहुत से सरकारी और प्राइवेट कॉलेज में बीएससी बायोटेक्नोलॉजी कोर्स उपलब्ध हैं. इसमें प्रवेश के लिए कुछ संस्थान में प्रवेश परीक्षा का प्रावधान है और कुछ संस्थान 12वीं (साइंस) के अंक के मेरिट पर भी एडमिशन देते हैं. कुछ अच्छे कॉलेजों में यह मेरिट 95, 96 प्रतिशत होती है. लेकिन, अगर आपके अंक 55 से 80 प्रतिशत के लगभग हैं, तो किसी न किसी कॉलेज में आपको प्रवेश मिल सकता है. 12वीं में आपके पास फिजिक्स, केमिस्ट्री एवं मैथमेटिक्स होना अनिवार्य है. 
 
- मैं इतिहास द्वितीय वर्ष का छात्र हूं. क्या मैं डेयरी साइंस में मैनेजमेंट कोर्स कर सकता हूं. इस कोर्स एवं इसके लिए अच्छे संस्थानों के बारे में बताएं. 
 
- राजकुमार
 
आप आर्ट्स के छात्र हैं, इसलिए आपको एमबीए डेयरी मैनेजमेंट या डिप्लोमा / पीजी डिप्लोमा इन डेयरी मैनेजमेंट कर के आगे बढ़ना होगा. आप अगर साइंस के स्टूडेंट होते, तो आपके पास एमटेक (डेयरी मैनेजमेंट) करने का विकल्प भी होता. हमारा देश दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में बहुत अागे है, इसलिए यहां अमूल और मदर डेयरी जैसे ब्रांड हैं. इनके अलावा कई अन्य रीजनल ब्रांड हैं. यह कैरियर के लिए बहुत अच्छा क्षेत्र हैं. डेयरी मैनेजमेंट प्रोग्राम के अंदर बेसिक मैनेजमेंट के साथ-साथ निम्नलिखित विषय पढ़ाये जाते हैं-  मिल्किंग मैनेजमेंट,  फीडिंग मैनेजमेंट, काफ मैनेजमेंट, कूलिंग मैनेजमेंट, क्लीनिंग मैनेजमेंट, मिल्क फिल्ट्रेशन मैनेजमेंट, हूफ मैनेजमेंट, मेन्योर हैंडलिंग,  काउ लाॅन्जविटी, काउ कम्फर्ट मैनेजमेंट, एनिमल साइन मैनेजमेंट, बायो सिक्योरिटी, डेयरी फर्म प्लानिंग मैनेजमेंट, डेयरी हर्ड मैनेजमेंट, डेयरी बफेलो प्रोडक्शन मैनेजमेंट आदि. 
 
आप मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (एमबीए) या पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा (पीजीडी) डेयरी मैनेजमेंट पास करने के बाद गवर्नमेंट या प्राइवेट सेक्टर में निम्नलिखित जॉब पा सकते हैं- फार्म मैनेजर/  डेयरी मैनेजर/ हेड- फार्म सर्विस. इसके अलावा आप एंटरप्रेन्योर बन कर अपना खुद का डेयरी बिजनेस भी शुरू कर सकते हैं. 
 
 डेयरी फर्म से संबंधित पढ़ाई करानेवाले कुछ अच्छे संस्थान हैं- नेशनल डेयरी रिसर्च इंस्टीट्यूट, करनाल. कॉलेज ऑफ डेयरी साइंस एंड टेक्नोलॉजी, मंनुथ्य, केरल. इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल मैनेजमेंट, आणंद.  सेठ एमसी कॉलेज ऑफ डेयरी साइंस, आणंद. डेयरी साइंस कॉलेज,  बेंगलुरु. यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंस, धारवाड़. जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर. कॉलेज ऑफ डेयरी टेक्नोलॉजी, नागपुर. इलाहाबाद एग्रीकल्चरल इंस्टीट्यूट, इलाहाबाद.
 
- सर मैं अभी इंगलिश ऑनर्स कर रही हूं. कृपया मुझे मैट की तैयारी के बारे में बताएं. 
-आस्था चंद्रा 
 
मैट, एमबीए में एडमिशन के लिए ली जानेवाली एक प्रवेश परीक्षा है, जिसका संचालन एआइएमए  (www.aima.in) द्वारा किया जाता है. यह एंट्रेंस टेस्ट  मेहनत मांगता है. आप जो भी प्रवेश परीक्षा पास करना चाहती हैं, उसके लिए यही सही समय है. आप सबसे पहले मैनेजमेंट एप्टीट्यूड टेस्ट (मैट) के पिछले तीन वर्ष के प्रश्न-पत्र लेकर, उनको हल करें, तो आपको अनुभव होगा कि किस तरह के प्रश्न आते हैं. इसके अलावा आप ऑनलाइन फ्री टेस्ट और गाइडेंस भी ले सकती हैं. अगर ज्यादा परेशानी हो, तो कोचिंग भी ज्वाॅइन कर सकती हैं.