Tuesday, February 20, 2018
करंट अफेयर्स

दिसंबर में होगी नई शिक्षा नीति की घोषणा-सत्यपाल सिंह

दिसंबर में होगी नई शिक्षा नीति की घोषणा-सत्यपाल सिंह

 केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री सत्यपाल सिंह ने कहा कि नई शिक्षा नीति की घोषणा दिसंबर में की जायेगी.नई नीति पर गहन विचार मंथन किया जा रहा है. यह अंतिम चरण में है. वह तिरूअनंतपुरम में ‘राष्‍ट्रीय अकादमी सम्‍मेलन’ के उद्घाटन के मौके पर बोल रहे थे.

जान-बूझकर की गयी है भारतीय संस्कृति की उपेक्षा
उन्होंने कहा कि दुर्भाग्‍य से आजादी के बाद अधिकतर शिक्षा विशेषज्ञों ने ब्रिटिश और पश्‍चिमी विद्वानों का अनुसरण किया है और जान-बूझकर भारतीय संस्‍कृति की उपेक्षा की है.

औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति दिलाना है
भारतीयों को औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति दिलाना सरकार एवं शिक्षा प्रणाली के सामने सबसे बड़ी चुनौती है. देश को दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर इस क्षेत्र में चलना है. प्राथमिक स्तर पर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, उच्च शिक्षा को सस्ता बनाना, ज्यादा से ज्यादा लोगों तक इसकी उपलब्धता सुनिश्चित कराना और छात्रों के बीच सामाजिक और क्षेत्रीय असमानताओं को दूर करना प्राथमिकता में है.

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अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उच्च शिक्षण संस्थानों को करना होगा विकसित
उन्होंने कहा कि सरकार कौशल विकास के क्षेत्र में सबसे ज्यादा ध्यान दे रही है, लेकिन इस दिशा में भी काफी कुछ किया जाना बाकी है. सत्यपाल सिंह ने कहा कि शिक्षा हासिल करने के लिए छात्रों को विदेश जाने से रोकने के लिए उच्च शिक्षण संस्थानों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करना होगा.

उच्च शिक्षा तक सिर्फ 25.6 प्रतिशत लोगों की पहुंच
मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री ने कहा कि भारत में उच्च शिक्षा तक लोगों की पहुंच सिर्फ 25.6 प्रतिशत है जबकि अमेरिका में यह 86 प्रतिशत, जर्मनी में 80 प्रतिशत और चीन में 60 प्रतिशत है. उन्होंने कहा, "देश के कुछ इलाकों में उच्च शिक्षा तक लोगों की पहुंच सिर्फ नौ प्रतिशत तक है, लेकिन कुछ स्थानों पर यह 60 प्रतिशत तक भी है. उच्च शिक्षा काफी महंगी है और इसे समाज के सभी वर्गों के लिए और सस्ता बनाया जाना है।"

विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के 50 प्रतिशत पद रिक्त
सत्यपाल सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के 50 प्रतिशत पद खाली हैं. दिल्ली विश्वविद्यालय में ही 4,000 हजार पद खाली पड़े हुए हैं. उन्होंने कहा कि शिक्षा का अधिकार कानून में भी बदलाव की जरूरत है क्योंकि इसमें सख्ती का अभाव है.

शिक्षा का अधिकार अधिनियम में है बदलाव की जरूरत
शिक्षा का अधिकार अधिनियम में बदलाव की जरूरत है. अधिनियम में अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा की व्‍यवस्‍था है, लेकिन यदि माता-पिता अपने बच्‍चों को स्‍कूल नहीं भेजते हैं, तो इसका क्‍या समाधान है ? इसलिए देश की प्राथमिक शिक्षा में कई बदलाव की जरूरत है.

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