Tuesday, February 20, 2018
करंट अफेयर्स

देश में पहली बार केंद्रीय विद्यालयों की होगी रैंकिंग, जानिये किन पारामीटर्स पर होगा मूल्यांकन

देश में पहली बार केंद्रीय विद्यालयों की होगी रैंकिंग, जानिये किन पारामीटर्स पर होगा मूल्यांकन

 

पहली बार केंद्रीय विद्यालयों की रैंकिंग की जायेगी. केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इस बाबत निर्देश दिया है. केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से विद्यालयों की रैंकिंग करायी जायेगी.


ऐसे होगी रैंकिंग
केंद्रीय विद्यालयों के बीच प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा. इसके माध्यम से इनकी रैंकिंग तय की जाएगी. केंद्रीय विद्यालयों के मानकों में सुधार लाने को लेकर इस तरह की पहल की गयी है.

वर्ष में दो बार होगी स्कूलों का निरीक्षण
सूत्रों के अनुसार अगले साल से रैंकिंग के लिए वर्ष में दो बार स्कूलों का निरीक्षण किया जाएगा. केंद्रीय विद्यालयों को चार श्रेणियों में बांटा जाएगा और अधिकतम 1,000 प्वाइंट्स होंगे. 1,000 से ज्यादा केंद्रीय विद्यालयों का मूल्यांकन सात पारामीटर्स-एकडेमिक परफॉर्मेंस, स्कूल इन्फ्रास्ट्रक्चर, स्कूल एडमिनिस्ट्रेशन, फाइनांस, कम्युनिटी पार्टिसिपेशन, ग्रेस प्वाइंट्स और निरीक्षकों द्वारा समग्र पर्यवेक्षण के आधार पर किया जाएगा.

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ऐसे मिलेंगे प्वाइंट्स
एकडेमिक परफॉर्मेंस को सबसे ज्यादा 500 प्वाइंट्स दिए जाएंगे. स्कूल इन्फ्रास्ट्रक्चर को 150 प्वाइंट्स, स्कूल एडमिनिस्ट्रेशन के लिए 120 प्वाइंट्स, फाइनांस के लिए 70 प्वाइंट्स, कम्यूनिटी पार्टिसिपेशन के लिए 60 प्वाइंट्स, ग्रेस प्वाइंट्स के लिए 90 प्वाइंट्स और निरीक्षकों के पर्यवेक्षण के लिए 10 प्वाइंट्स मिलेंगे. 80 फीसदी और उससे ज्यादा प्वाइंट्स प्राप्त करने वाले स्कूलों को 'ए' कैटेगरी (एक्सीलेंट), 60-79.9 फीसदी वाले स्कूलों को 'बी' कैटेगरी (बहुत अच्छा), 40-59.9 फीसदी वाले स्कूलों को 'सी' कैटेगरी (गुड) और 40 फीसदी से कम वाले स्कूलों को 'डी' कैटेगरी (एवरेज) में रखा जाएगा.

स्वायत्त संस्थान है एनएएसी
देश में केंद्रीय विद्यालयों की यह पहली आधिकारिक रैंकिंग होगी. देश में उच्च शैक्षिक संस्थानों का मूल्यांकन और प्रत्यायन नेशनल असेस्मेंट एंड एक्रिडिटेशन काउंसिल (एनएएसी) द्वारा किया जाता है. एनएएसी एक स्वायत्त संस्थान है जिसको यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन से फंड मिलता है.