Sunday, September 24, 2017
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नये कीर्तिमान बना रही है गलगोटिया यूनिवर्सिटी

नये कीर्तिमान बना रही है गलगोटिया यूनिवर्सिटी
उत्तर प्रदेश की बेस्ट यूनिवर्सिटी का खिताब एक बार फिर ग्रेटर नोएडा स्थित गलगोटिया यूनिवर्सिटी के खाते में गया है. शत-प्रतिशत प्लेसमेंट के लिए प्रसिद्ध इस विश्वविद्यालय को 2017 के ग्लोबल रिसर्च ग्रुप केंटर टीएनएस और जोश जागरण रैंकिंग में देश के तीसरे सर्वश्रेष्ठ निजी विश्वविद्यालय का रैंक दिया गया है. उत्तर प्रदेश की कैटेगरी में गलगोटिया को नंबर वन रैंक प्राइवेट यूनिवर्सिटी कैटेगरी में मिला है. देश की सबसे बड़े औद्योगिक संस्था एसोचेम ने भी नेशनल एजुकेशन एक्सीलेंस अवार्ड 2017 से नवाजा है. यह अवॉर्ड केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री द्वारा विश्वविद्यालय के कुलपति सुनील गलगोटिया को दिया गया.

‘आऊटलुक’ द्वारा जून 2017 में कराये सर्वे इंडियाज टॉप प्रोफेशनल कॉलेजेज-2017 में गलगोटिया को उत्तर प्रदेश की नंबर वन यूनिवर्सिटी का दर्जा दिया गया. ‘इंडिया टूडे’ समूह के सर्वे में भी गलगोटिया को ऑल इंडिया थर्ड रैंकिंग का मिलना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है. ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ द्वारा बेस्ट इंजीनियरिंग कॉलेजेज पर मई, 2017 में कराये सर्वे में ऑल इंडिया सेकेंड रैंक तथा टाइम्स बी स्कूल सर्वे 2017 में गलगोटिया को टॉप इमरजिंग बिजनेस स्कूल कैटेगरी में ऑल इंडिया में तीसरा रैंक मिला है. विश्वविद्यालय के कुलपति सुनील गलगोटिया के अनुसार सबसे महत्वपूर्ण है- शिक्षा की गुणवत्ता पर उनका फोकस रहना. इसके लिए विश्व स्तर की फैकल्टी का चयन किया जाता है. वर्तमान में यूनिवर्सिटी में देश के अग्रणी शिक्षा संस्थानों आइआइटी, आइआइएम के अनुभवी शिक्षकों के साथ–साथ इंटरनेशनल यूनिवर्सिटीज के प्रोफेसर अध्यापन कर रहे हैं. सुनील गलगोटिया के अनुसार, यूनिवर्सिटी की बड़ी खूबी यहां की एकेडमिक प्रोसेसेज का यूनीक होना है. दूसरा मुख्य कारण स्टूडेंट्स के ऑल राउंड डेवलपमेंट के लिए बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर का उपलब्ध होना है.
 
प्रैक्टिकल ट्रेनिंग के लिए खास प्रोग्राम
गलगोटिया यूनिवर्सिटी अपने स्टूडेंट्स को प्रैक्टिकल ट्रेनिंग के लिए इंडस्ट्रीज के साथ इंटरफेस प्रोग्राम भी संचालित करती है. इसके लिए यूनिवर्सिटी ने अपने यहां इंटरनेशनल सर्टिफिकेट प्रोग्राम की शुरुआत की है, जिसके अंतर्गत ऑरेकल, ऑरोडेस्क, एनआइआइटी, लाइववायर आदि ट्रेनिंग दिलायी जाती है. प्लेसमेंट को एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए यूनिवर्सिटी के चांसलर सुनील गलगोटिया कहते हैं कि हमारे कैंपस इंटरव्यू के जरिये इन्फोसिस, विप्रो, आइबीएम, एचपीएल, कोका कोला, सैमसंग जैसी ख्याति प्राप्त 460 कंपनियों ने छात्रों को मौका दिया है.
 
शत–प्रतिशत प्लेसमेंट का रिकॉर्ड
गलगोटिया यूनिवर्सिटी उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नये कीर्तिमान गढ़ रही है. यूनिवर्सिटी अपने इनोवेटिव एजुकेशन मैथेड्स के चलते लगातार नंबर वन पोजिशन में बनी हुई है. गलगोटिया से हर वर्ष शत–प्रतिशत प्लेसमेंट होता है. एसोचेम ने एकेडमिक्स और प्लेसमेंट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी को बेस्ट यूनिवर्सिटी का अवॉर्ड भी दिया है. यह अवार्ड केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के हाथों नेशनल एजुकेशन एक्सीलेंस अवॉर्ड 2017 समारोह में दिया गया.
 
एशिया पैसिफिक यूनिवर्सिटी और इंसएक से जुड़ा गलगोटिया
गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने अपने एजुकेशन एक्सीलेंस प्रोग्राम को आगे बढ़ाते हुए विश्व के दो टॉप विश्वविद्यालयों के साथ एग्रीमेंट किया है. मलेशिया की एशिया फैसिफिक यूनिवर्सिटी के साथ किये करार के बाद अब गलगोटिया के स्टूडेंट्स एशिया फैसिफिक यूनिवर्सिटी में अपने कोर्स का दूसरा साल पढ़ कर डिग्री प्राप्त कर सकते हैं. इसमें एमबीए, एमएससी, अकाउंटिंग, फाइनेंस समेत कई पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री प्रोग्राम शामिल हैं. एशिया पैसिफिक यूनिवर्सिटी ऐसे स्टूडेंट्स को फ्री छात्रवास उपलब्ध करायेगी. इसी प्रकार फ्रांस के ग्रुप इंसएक के साथ भी गलगोटिया यूनिवर्सिटी का एग्रीमेंट हुआ है. फ्रांस की यह विश्वस्तरीय यूनिवर्सिटी गलगोटिया के छात्रों को डिग्री देने के साथ–साथ फ्रांस स्थित अपने कैंपस में फ्री आ‌वास की भी सुविधा देगी.

यूनिवर्सिटी के चांसलर सुनील गलगोटिया के अनुसार अमेरिका की ख्याति प्राप्त परडयू यूनिवर्सिटी संग गलगोटिया यूनिवर्सिटी का सबसे पहले स्टूडेंट्स ट्रांसफर एग्रीमेंट हुआ था. उसके बाद गौथ यूनिवर्सिटी, फ्रांस यूनिवर्सिटी ऑफ एरकानास अमेरिका, यूनिवर्सिटी ऑफ मेरीलैंड लंदन, कैंटस्टेट यूनिवर्सिटी अमेरिका, तंजानिया के इंस्टीट्यूट ऑफ अकाउंटेंसी, साइप्रस के इंटरनापा कॉलेज ऑस्ट्रेलिया के चीफली बिजनेस स्कूल और इटली की यूनिवर्सिटी ऑफ पीसा संग भी स्टूडेंट ट्रांसफर प्रोग्राम किया जा चुका है. गत दिनों इस यूनिवर्सिटी को ग्लोबल रिसर्च ग्रुप केंटर टीएनएस और जागरण जोश इंजीनियरिंग रैंकिंग में उत्तर प्रदेश की नंबर वन यूनिवर्सिटी और पूरे देश में तीसरा रैंक मिलना एक बड़ी उपलब्धि है.
 
आइइएस में भी गलगोटिया का परचम
गलगोटिया यूनिवर्सिटी से बीटेक कर चुकी आशिका महाजन का आइइएस की परीक्षा में 287वीं रैंक प्राप्त करना विश्वविद्यालय के लिए गौरव की बात है. आशिका महाजन को गलगोटिया यूनिवर्सिटी से बीटेक करने के साथ ही मुंबई स्थित एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की जॉब मिल गयी थी. यूनिवर्सिटी के ही एक अन्य छात्र प्रताप ने ऑल इंडिया इंजीनियरिंग सर्विसेज में पहला स्थान प्राप्त कर न केवल स्वयं, बल्कि विश्वविद्यालय का नाम भी रोशन किया है. प्रताप को 2015 में गेट परीक्षा में 55वां रैंक मिला था. सीएसआइआर नेट जीआरएफ में प्रताप का ऑल इंडिया में पांचवी रैंक थी. विश्वविद्यालय में प्रताप को मेकेनिकल इंजीनियरिंग में सिल्वर मेडल भी मिला था.