Tuesday, August 22, 2017
बोर्ड / यूनिवर्सिटीज़

डीइओ के साइन के बाद ही बोर्ड स्वीकार करेगा टीसी

डीइओ के साइन के बाद ही बोर्ड स्वीकार करेगा टीसी

लाइफ रिपोर्टर @ रांची

अब केवल स्कूल से ट्रांसफर सर्टिफिकेट देने से किसी दूसरे स्कूल में नामांकन नहीं हो पायेगा. दूसरे स्कूल में नामांकन के लिए अब टीसी पर जिला शिक्षा पदाधिकारी का काउंटर साइन जरूरी है. स्कूलों द्वारा फर्जी टीसी देने के ऊपर रोक लगाने के लिए सीबीएसइ द्वारा स्कूलों पर यह नियम लगाया जायेगा. इसको लेकर पटना क्षेत्रीय कार्यालय ने तैयारी शुरू कर दी है. स्कूल खुलने के साथ ही तमाम स्कूलों को एक सर्कुलर जारी किया जायेगा. सर्कुलर के अनुसार किसी भी कक्षा में नामांकन लेने के लिए अब टीसी पर संबंधित जिला के डीइओ का हस्ताक्षर जरूरी है. इसके साथ ही जिस क्लास का टीसी होगा, उस टीसी पर यूनिट टेस्ट का अंक भी डालना जरूरी है. 

33 फीसदी अंक जरूरी

टीसी पर अब छात्रों का अंक भी दर्ज किया जायेगा. छात्र किसी भी क्लास में हो,दूसरे कक्षा में जाने के लिए उसे 33 फीसदी से अधिक अंक लाना होगा. जब भी उसका नामांकन दूसरी कक्षा में होगा, उसके इन अंकों के आधार पर ही नामांकन होगा. इसके अलावा स्कूल द्वारा जारी प्रोग्रेस कार्ड में परमोटेड फाॅर क्लास दिस जरूर लिखा होना चाहिए. 

टीसी में होेंगे 23 कॉलम 

सीबीएसइ ने सर्कुलर में 23 कॉलम रखने की योजना बनायी है. ये सारे कॉलम का जवाब स्कूलों को देना होगा. बोर्ड के अनुसार टीसी में स्कूल व बच्चों से संबंधित सभी जानकारी मौजूद होगी. ताकि दूसरे स्कूल में नामांकन के समय किसी तरह की कोई दुविधा न हो.

राज्य सरकार से कितने स्कूल हैं मान्यता प्राप्त, मिलेगी जानकारी 

डीइओ के काउंटर साइन लेने से राज्य भर के उन स्कूलों की जानकारी मिल पायेगी जो राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त हैं. इससे सीबीएसइ को जानकारी मिल पायेगी कि कौन सा स्कूल राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त है. 

फर्जी टीसी बना कर लेते हैं दूसरे स्कूल में नामांकन 

जिन स्कूलों को सीबीएसइ की मान्यता नहीं है. उन स्कूलों द्वारा फर्जी टीसी बनाने का काम चलता है. आठवीं तक पढ़ाई करने के बाद छात्र टीसी लेकर मान्यता प्राप्त स्कूल में नामांकन करवाते हैं. यह सीबीएसइ के नियम के खिलाफ है. सीबीएसइ के अनुसार जिन स्कूलों को सीबीएसइ मान्यता दिया हुआ है, उन्हीं स्कूलों की टीसी मान्य होगी. लेकिन ऐसा गोरखधंधा पूरा चलता है. क्योंकि एक बार नामांकन हो जाने के बाद सीबीएसइ कुछ नहीं कर पाता है. इस कारण अब स्कूल को डीइओ से काउंटर साइन करवा कर ही देना होगा, ताकि बच्चे दूसरे स्कूलों में एडमिशन करवा सकें.