Monday, May 29, 2017
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एक्चुरियल साइंस इंश्योरेंस और फाइनेंस में मौके हैं भरपूर

एक्चुरियल साइंस इंश्योरेंस और फाइनेंस में मौके हैं भरपूर

प्रीति सिंह परिहार

हमारे देश में एक्चुरियल साइंस यानी बीमांकिक विज्ञान अपेक्षाकृत एक नया विषय है, लेकिन मैथ्स एवं कॉमर्स के छात्रों को यह खासा आकर्षित कर रहा है. बीमांकिक विज्ञान को मूल रूप से बीमा सेक्टर से जोड़ कर देखा जाता है, लेकिन इसका संबंध बैंकिग एवं बिजनेस सेक्टर से भी है. इंश्योरेंस, बैंकिंग और फाइनेंशियल कंपनियों में इस विषय का अध्ययन करनेवालों की मांग तेजी से बढ़ी है.

क्या है एक्चुरियल साइंस

वित्त एवं सांख्यिकी पर केंद्रित साइंस को एक्चुरियल साइंस कहते हैं. इसमें गणित और सांख्यिकी की विधियों का प्रयोग कर निवेश योजनाओं, कर्मचारी लाभ, पेंशन योजनाओं, बीमा एवं फाइनेंस इंडस्ट्री में जोखिम का आकलन किया जाता है. एक्चुरियल साइंस के विशेषज्ञ आकस्मिक घटनाओं से संबंधित वित्तीय जोखिमों आकलन करते हैं. इसके साथ ही किसी भी कंपनी के कर्मचारियों का बीमा, सेवानिवृत्ति और उसके अन्य लाभ, निवेश, वित्तीय उत्पादों के मूल्यांकन का काम करते हैं. पेंशन योजनाएं बनाते हैं और बीमा की प्रीमियम राशि भी तय करते हैं.

बन सकते हैं एक्चुरियल साइंस के एक्सपर्ट

हमारे यहां कुछ चुनिंदा संस्थान एक्चुरियल साइंस से संबंधित कोर्स कराते हैं. यह विषय उनके लिए है, जो स्टेटिस्टिक्स एवं मैथ्स में रुचि एवं दक्षता दोनों रखते हैं. ऐसे छात्र, जिन्होंने इकोनॉमिक्स, कॉमर्स या मैथ्स से पढ़ाई की है, इस विषय को चुन सकते हैं. एक्चुरियल साइंस के विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए ज्यादातर संस्थान प्रवेश परीक्षा का आयोजन करते हैं. ये प्रवेश परीक्षाएं हैं- एक्चुरियल साइंस एंट्रेंस एग्जाम. इंस्टीट्यूट ऑफ एक्चुअरी आॅफ इंडिया एंट्रेंस एग्जाम. एक्चुरियल सोसायटी ऑफ इंडिया एंट्रेंस एग्जाम.

ग्रेजुएशन में चुन सकते हैं यह विषय

आप 12वीं के बाद ग्रेजुएशन के लिए इस विषय को चुन सकते हैं. आप इंश्योरेंस में बीए या एक्चुरियल साइंस में बीएससी कर सकते हैं. पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स में कई विकल्प हैं, जैसे एक्चुरियल साइंस में एमएससी, मास्टर प्रोग्राम इन इंश्योरेंस बिजनेस, एक्चुरियल में एमबीए, पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन एक्चुरियल साइंस.

इन संस्थानों से कर सकते हैं पढ़ाई

इंस्टीट्यूट ऑफ एक्चुअरी ऑफ इंडिया, मुंबई. डीएस एक्चुरियल एजुकेशन सर्विस, मुंबई. इंटरनेशनल स्कूल आॅफ एक्चुरियल साइंस (आइएसएएस), हैदराबाद. अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय. मणिपुर विश्वविद्यालय. मद्रास विश्वविद्यालय. बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी. एमिटी स्कूल ऑफ इंश्योरेंस एंड एक्चुरियल साइंस, नोएडा. कल्याणी विश्वविद्यालय. गुरुनानक देव यूनिवर्सिटी.

इन क्षेत्रों में बनेगा कैरियर

पारंपरिक तौर पर एक्चुरियल साइंस के पेशेवरों के कैरियर काे बीमा सेक्टर से जोड़ कर देखा जाता है. जाहिर है बीमा कंपनियों में इनके लिए जॉब की बेहतरीन संभावनाएं तो हैं ही, लेकिन वैश्वीकरण से जैसे-जैसे अर्थव्यवस्था का विस्तार हुआ, कई अन्य क्षेत्रों में भी इस क्षेत्र के जानकारों की मांग बढ़ी है. अब इनके लिए बैकिंग एवं शेयर मार्केट में भी जॉब के मौके उपलब्ध हैं. इसकी पढ़ाई के बाद आप इन क्षेत्रों में कैरियर के लिहाज से आगे बढ़ सकते हैं - लाइफ इंश्योरेंस, हेल्थ इंश्योरेंस, रिइंश्योरेंस कंपनी, पेंशन फंड, कंसल्टेंट फंड, कंसल्टेंट, इन्वेस्टमेंट, गवर्नमेंट, एकेडमिक, रिस्क मैनेजमेंट.

एक्चुरियल साइंस के विशेषज्ञों के लिए बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण, सोशल सिक्योरिटी स्कीम, फाइनेंशियल एनालिसिस फर्म में भी संभावनाएं हैं. इन कंपनियों में हासिल कर सकते हैं जॉब- जीवन बीमा निगम, टाटा एआइजी जनरल इंश्योरेंस, मैक्स लाइफ इंश्योरेंस, बिड़ला सनलाइफ इंश्योरेंस, मैक्स बूपा हेल्थ इंश्योरेंस, डब्ल्यूएनएस : बिजनेस प्रोसेस मैनेजमेंट, टावर्स वाटसन, पीडब्ल्यूसी एक्चुरियल सर्विसेज इंडिया, आइडीबीआइ आदि.