Monday, November 19, 2018
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स्पेशल इफेक्ट से ऐसे सजाएं सफल कैरियर, जानिये वीएफएक्स और एसएफएक्स के बारे में

स्पेशल इफेक्ट से ऐसे सजाएं सफल कैरियर, जानिये वीएफएक्स और एसएफएक्स के बारे में
II रैना शुक्ला II
फिल्मों में उड़ती हुई कारें, तबाही मचाते डायनासोर, भूकंप में जमींदोज होती ऊंची इमारतें, हवा में क्रैश होते प्लेन और ऐसे न जाने कितने ही रोमांचक दृश्य हैं, जो आपके रोंगटे खड़े कर देते हैं. 
 
वास्तव में ये वीएफएक्स यानी विजुअल इफेक्ट्स की देन होते हैं. वीएफएक्स के जरिये एक ऐसी काल्पनिक दुनिया का निर्माण किया जाता है, जिसे असल में बनाना काफी महंगा और कठिन हो सकता है. यदि आप भी कल्पनाओं को तकनीक के जरिये हकीकत का रूप देने में रुचि रखते हैं, तो इस टेक्निकल क्षेत्र का रुख कर सकते हैं.
 
बॉक्स ऑफिस पर करोड़ों का बिजनेस करनेवाली फिल्म बाहुबली अपने एक्शन सीन को लेकर चर्चा में रही. इस फिल्म में विजुअल इफेक्ट्स और स्पेशल इफेक्ट्स का भरपूर इस्तेमाल किया गया. कह सकते हैं फिल्म को सफल बनाने में स्पेशल इफेक्ट आर्टिस्टों का बड़ा योगदान रहा. 
 
ये आर्टिस्ट मुख्य तौर पर कंप्यूटर की सहायता से, जिसे सीजीआई कहा जाता है, विभिन्न प्रकार के चित्रों एवं चरित्रों का निर्माण करते हैं. कंप्यूटर जेनरेटेड इमेजनरी ही वह तरीका है, जिसके माध्यम से किसी भी काल्पनिक चरित्र की रचना की जाती है. यदि आप भी ऐसे युवाओं में से एक हैं, जो टेक्नोलॉजी में रुचि रखने के साथ क्रिएटिविटी के क्षेत्र में कैरियर बनाना चाहते हैं, तो वीएफएक्स आर्टिस्ट बन कर अपनी ख्वाहिश को पूरा कर सकते हैं.
 
जानिये वीएफएक्स और एसएफएक्स के बारे में
 
विजुअल इफेक्ट्स और स्पेशल इफेक्ट्स में मुख्य अंतर ये होता है, कि विजुअल इफेक्ट्स को फिल्माने के लिए वास्तविकता में उस सीन को शूट करने की जरूरत नहीं होती, जबकि स्पेशल इफेक्ट्स में जो भी दिखाना चाहते हैं, उसे शूट करना होता है. इसके बाद शूट किये गये सीन को स्पेशल इफेक्ट्स के जरिये काफी बड़े स्तर पर परिवर्तित कर दिया जाता है. 
 
उदाहरण के लिए अगर किसी जगह को जलते हुए दिखाना है, तो उसके लिए किसी छोटी-सी जगह पर वास्तविकता में आग लगानी होगी और फिर उसे शूट करके स्पेशल इफेक्ट्स के प्रयोग से आगजनी के बड़े हादसे का रूप दिया जा सकता है. जबकि वीएफएक्स में सब कुछ वर्चुअल होता है (कंप्यूटर जेनरेटेड). वीएफएक्स और एसएफएक्स दोनों ही एनिमेशन का ही एक हिस्सा कहे जा सकते हैं, लेकिन ये उससे काफी भिन्न होते हैं. एनिमेशन को समझना है, तो श्रेक मूवी का उदाहरण ले सकते हैं और वीएफएक्स को जानना है, तो ‘2012’ मूवी से अच्छा दूसरा उदाहरण नहीं मिलेगा.
 
आवश्यक योग्यता
 
इस क्षेत्र में जाने के लिए टेक्नोलॉजी का अच्छा ज्ञान होना जरूरी है. सॉफ्टवेयर टूल्स को चलाने की समझ होने के साथ ही क्रिएटिव माइंड होना बहुत जरूरी है. फोटोग्राफी की समझ होना एडेड एडवांटेज के रूप में गिना जा सकता है. 
 
वैसे तो इस कोर्स में एडमिशन के लिए विशेष शैक्षणिक योग्यता की आवश्यकता नहीं पड़ती है, फिर भी ज्यादातर इंस्टीट्यूट किसी भी मान्यताप्राप्त बोर्ड से इंटरमीडिएट छात्रों को एडमिशन देते हैं. वहीं कुछ निजी संस्थान जैसे एरीना मल्टीमीडिया आदि योग्यता की इतनी भी शर्त नहीं रखते. अपनी रुचि के अनुसार कोई भी इस कोर्स में एडमिशन ले सकता है.
 
इन संस्थानों से कर सकते हैं कोर्स
 
- एनीब्रेन एक्सडीआई, पुणे
 
- एनआईडी, अहमदाबाद
 
- विशलिंग वुड्स इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट, मुंबई
- माया अकेडमी ऑफ एडवांस्ड सिनेमैटिक्स (माक)
- इंडस्ट्रियल डिजाइन सेंटर, मुंबई
कैसे बनें वीएफएक्स आर्टिस्ट
 
बिना किसी औपचारिक डिग्री के भी इस क्षेत्र में काम किया जा सकता है, लेकिन विशेषज्ञ बनने के लिए संबंधित कोर्स कर लेना अत्यंत लाभकारी होता है. डिप्लोमा, डिग्री या सर्टिफिकेट कोर्स में से किसी का भी चुनाव कर सकते हैं. इन कोर्सेज में शुरुआत में आर्ट हिस्ट्री, ड्राइंग, स्क्ल्पचर और एनिमेशन की प्रारंभिक जानकारी दी जाती है. 
 
थ्री-डी मॉडलिंग, कंप्यूटर एनिमेशन और ग्राफिक्स की अतिरिक्त क्लासेज भी लगती हैं. इस फील्ड में विशेषज्ञता हासिल करने के लिए तीन चीजों की आवश्यकता होती है. पहली इस्तेमाल होनेवाले टूल्स का सही उपयोग आना, जैसे फ्लेम, शेक, माया, फ्लैश और न्यूक आदि. दूसरा फोटो रियलस्टिक इफेक्ट्स जेनरेट करने की सही तकनीक का ज्ञान होना. तीसरा, कंपोजिटिंग तकनीकें सीखना, जिसमें ब्लू-स्क्रीन कीईंग, ट्रैकिंग आदि के विषय में सिखाया जाता है. 
 
बैचलर ऑफ साइंस इन एनिमेशन एंड फिल्म मेकिंग, बैचलर्स इन एनिमेशन एंड विजुअल इफेक्ट्स, डिप्लोमा इन एनिमेशन इंजीनियरिंग जैसे मेन स्ट्रीम कोर्सेज के अलावा छात्र अपनी रुचि के अनुसार किसी सॉफ्टवेयर विशेष में सर्टिफिकेट कोर्स भी कर सकते हैं.
अनुभव के साथ बढ़ता है सैलरी का ग्राफ
 
काम और कंपनी के अनुसार एक वीएफएक्स आर्टिस्ट कैरियर के शुरुआती दौर में 8,000-18,000 रुपये प्रतिमाह कमा सकता है. इस क्षेत्र में कई लोग फ्रीलांसर के तौर पर काम करते हैं, तो कुछ स्थायी आधार पर टेलीविजन और फिल्मों का रुख करते हैं. 
एनिमैजिक, ब्लोफिश एफएक्स, कॉर्नर शॉप स्टूडियोज, यूटीवी, टेक्निकलर इंडिया आदि कुछ कंपनियां हैं, जो योग्य वीएफएक्स आर्टिस्ट को अपने यहां स्थाई रूप से अच्छे वेतन पर नियुक्त करती हैं.