Sunday, December 17, 2017
बोर्ड / यूनिवर्सिटीज़

बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करें विद्यालय : सीबीएसई

बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करें विद्यालय : सीबीएसई

नयी दिल्ली : बच्चों को स्कूल लाने और घर पहुंचाने के दौरान सुरक्षा के संबंध में कुछ स्कूलों की लापरवाही पर संज्ञान लेते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने चेताया है कि बच्चों की सुरक्षा के संबंध में किसी लापरवाही के लिए स्कूल के प्रबंधन एवं प्रमुख को जिम्मेदार ठहराया जायेगा. इसके साथ ही दोषी पाये गये स्कूलों की बोर्ड से संबद्धता भी रद्द की जा सकती है. 


सीबीएसई के उप सचिव (संबद्धता) के श्रीनिवासन की ओर से स्कूल बसों में बच्चों की सुरक्षा के संबंध में जारी परिपत्र में कहा गया है कि बोर्ड हमेशा से छात्र केंद्रित नीतियों को आगे बढ़ाने की वकालत करता रहा है और उसका पाठ्यक्रम, पाठ्येत्तर विषयों, स्वास्थ्य संबंधी पहल के साथ बच्चों के व्यक्तित्व के संपूर्ण विकास पर जोर देता रहा है. वह इस संबंध में समय समय पर परिपत्र जारी करता है. इसमें कहा गया है कि एम सी मेहता बनाम यूनियन आफ इंडिया एवं अन्य मामले में 16 दिसंबर 1997 को उच्चतम न्यायालय ने इस मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए आदेश दिया जिसमें बच्चों को ले जाने वाले बसों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बारे में दिशानिर्देश शामिल हैं. 

परिपत्र में कहा गया है कि हालांकि मीडिया में बच्चों को स्कूल लाने और घर पहुंचाने के दौरान सुरक्षा के संबंध में कुछ स्कूलों की लापरवाही की घटनाओं की खबरें आई हैं और इनसे स्कूली बच्चों की सुरक्षा के बारे में गहरी चिंताएं सामने आयी हैं. बोर्ड ने कहा है, ‘‘बच्चों की सुरक्षा के संबंध में किसी लापरवाही के लिए स्कूल के प्रबंधन एवं प्रचार्य को जिम्मेदार ठहराया जायेगा इनके खिलाफ उपयुक्त कार्रवाई की जायेगी जिसमें नियमों के तहत स्कूलों की बोर्ड से संबद्धता भी रद्द की जा सकती है.'' 

सीबीएसई ने कहा कि बोर्ड के संबद्धता नियमों एवं विभिन्न परिपत्रों में इस बारे में विस्तार से उल्लेख किया गया है और जिसमें स्कूलों को बच्चों को लाने और घर पहुंचाने के दौरान सुरक्षा अनुपालन की बात स्पष्ट की गई है. इसमें कहा गया है कि अभिभावकों की ओर से स्कूलों में व्यक्त किया गया विश्वास, भरोसा और जिम्मेदारी पवित्र है और इसे देश के युवा नागरिकों के पोषण के संदर्भ में प्रत्येक स्कूल का मार्गदर्शक बनना चाहिए. परिपत्र में कहा गया है कि उच्चतम न्यायालय के आदेश को ध्यान में रखते हुए इन दिशानिर्देशों का पूरी तरह से पालन किया जाना चाहिए. बोर्ड ने कहा है कि समय आ गया है कि स्कूलों को इस मुद्दे को गंभीरता से लेना चाहिए और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए स्कूल परिवहन में इस बारे में जरुरी उपाय सुनिश्चित करना चाहिए.