Monday, November 19, 2018
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मार्च में होंगी सीबीएसइ की 10-12वीं बोर्ड की परीक्षाएं

मार्च में होंगी सीबीएसइ की 10-12वीं बोर्ड की परीक्षाएं

 

10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए अच्छी खबर है. सीबीएसइ ने अब बोर्ड परीक्षाएं मार्च में ही कराने का फैसला किया है. अब तक इस बात का कयास लगाया जा रहा था कि सीबीएसइ यानी सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन की 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं फरवरी में होंगी, लेकिन अब इस पर विराम लग गया है. 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं मार्च में ही ली जायेंगी.

27 लाख छात्र होंगे परीक्षा में शामिल
सीबीएसइ के मुताबिक पिछले सत्र के परीक्षा कार्यक्रम के तहत इस बार भी मार्च में ही परीक्षाएं करायी जायेंगी. बोर्ड के अधिकारियों का तर्क है कि जल्दबाजी में मूल्यांकन पर असर न पड़े, इसलिए यह फैसला लिया गया है. अधिकारियों के अनुसार इस बार करीब 27 लाख छात्र सीबीएसइ बोर्ड की परीक्षाओं में शामिल होंगे.

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सीबीएसइ ने किया था आग्रह
गौरतलब हो कि सीबीएसइ ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय को पत्र लिखा था कि बोर्ड परीक्षा फरवरी में ही करायी जाये, जिससे जल्दी रिजल्ट निकाला जा सके. इसका फायदा यह होगा कि छात्र-छात्राएं विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल हो सकेंगे. ऐसे में अंदाजा लगाया जा रहा था कि इस बार बोर्ड परीक्षाएं फरवरी में ही हो सकती हैं. सूत्रों के अनुसार कई दौर की मीटिंग के बाद बोर्ड ने अपना फैसला बदल दिया है. हालांकि परीक्षाएं जल्दी पूरी कराने के लिए दो पालियों में परीक्षा करवाने का फैसला अमल में लाया जा सकता है. 

10वीं के लिए बोर्ड अनिवार्य
पिछले तीन-चार साल से सीबीएसइ में 10वीं में बोर्ड परीक्षा को समाप्त कर दिया गया था. इस बार फिर 10वीं के लिए बोर्ड परीक्षा को अनिवार्य कर दिया गया है़. ऐसे में बोर्ड के छात्रों की संख्या बढ़ेगी. उसकी तैयारी के लिए भी बोर्ड को समय चाहिए. बाकी कक्षाओं की परीक्षाएं भी करानी हैं. इस वजह से परीक्षा मार्च में कराने पर सहमति बनी है.

उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्याकंन में गड़बड़ी आयी थी सामने
जानकारों के मुताबिक बोर्ड इस बार फरवरी में परीक्षा कराने का खाका तैयार करने में जुट गया था. फिर चर्चा हुई कि पिछली बार जब मार्च में परीक्षा हुई तब उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्याकंन में गड़बड़ी सामने आयी थी. इसी वजह से परीक्षाएं फरवरी में कराने का इरादा बन रहा था. हालांकि बोर्ड के कुछ अधिकारियों के अनुसार कोर्स पूरा करना है, उसके बाद प्रैक्टिकल होने हैं. ऐसे में बोर्ड के अधिकारियों ने एकमत होकर मार्च में ही परीक्षा कराने की सहमति दी है.