Wednesday, May 23, 2018
एडमिशन

एमबीबीएस के लिए एडमिशन प्रक्रिया शुरू स्ट्रैटजी के साथ तैयारी को बनाएं आसान

एमबीबीएस के लिए एडमिशन प्रक्रिया शुरू  स्ट्रैटजी के साथ तैयारी को बनाएं आसान

 देश के प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए सीबीएसई एनईईटी (नीट) का फॉर्म आ गया है. साथ ही एम्स ने भी मेडिकल कोर्सेज में एडमिशन के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है. तैयारी के लिए समय अब तीन महीने से भी कम है. ऐसे में पूरी तरह से फोकस होकर परीक्षा की सटीक तैयारी करने पर ही सफलता मुमकिन है. मेडिकल की तैयारी करनेवाले छात्रों को मुकम्मल तैयारी के लिए कुछ खास टिप्स और प्रवेश परीक्षा की जानकारियों के साथ प्रस्तुत है इस बार की कवर स्टोरी...

नीट-2018 के लिए कैसे करें आवेदन
 
नीट के लिए आवेदन की शुरुआत हो चुकी है. सीबीएसई की तरफ से आयोजित नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) से छात्रों को एमबीबीएस और बीडीएस जैसे मेडिकल पाठ्यक्रमों में एडमिशन का मौका मिलेगा. नीट में आये रैंक के आधार पर ही छात्रों को देश के तमाम मेडिकल कॉलेजों में नामांकन का मौका मिलेगा.
 
योग्यता : फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स के साथ 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण हो चुके या इस वर्ष 12वीं की परीक्षा में शामिल हो रहे छात्र इस एंट्रेंस एग्जाम में आवेदन करने के लिए योग्य हैं.
 
आयु सीमा : नीट में शामिल होने के लिए आयु सीमा तय है. इसमें शामिल होने के लिए सामान्य श्रेणी (जनरल कैटेगरी) के छात्रों के लिए उनकी न्यूनतम आयु 17 साल, जबकि अधिकतम 25 साल हो. ओबीसी को आयु सीमा में तीन साल, जबकि एससी, एसटी और दिव्यांग छात्रों को अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट दी जायेगी.
 
प्रवेश परीक्षा : नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट यानी नीट का आयोजन 6 मई, 2018 को देशभर के विभिन्न केंद्रों पर किया जायेगा.
आवेदन प्रक्रिया : नीट के लिए इस वेबसाइट www.cbseneet.nic.in या http://www.cbseneet.nic.in/ पर जाकर सभी निर्देशों को पढ़कर आप ऑनलाइन आवेदन करें.
 
वेबसाइट पर आवेदन से संबंधित सभी तरह की जानकारियां विस्तार से दी गयी हैं. एंट्रेस एग्जाम में शामिल होने के लिए 9 मार्च , 2018 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. इस वेबसाइट पर एग्जाम के सिलेबस और परीक्षा में पूछे जानेवाले पैटर्न पर आधारित सवाल भी दिये गये हैं, जिनका अध्ययन करना छात्रों के लिए काफी फायदेमंद साबित होगा.
 
आ ज के दौर में भी लोग डॉक्टर को भगवान का दर्जा देते हैं. एक से बढ़कर एक नये कैरियर आने के बावजूद आज भी मेडिकल डिग्री हासिल करने को लेकर छात्र काफी उत्साहित रहते हैं. छात्रों का क्रेज इस फील्ड को लेकर ऐसा है कि देश के तमाम प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए परीक्षाओं में बैठनेवाले छात्रों की तादाद साल-दर-साल बढ़ती जा रही है.
 
हालांकि, पिछले कुछ समय में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ी है, लेकिन उससे कहीं ज्यादा तेज रफ्तार से इसमें एडमिशन लेनेवाले छात्र बढ़े हैं. इस साल मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन की चाहत रखनेवाले छात्रों के लिए उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है.
 
सिलेबस पूरा करना है जरूरी
 
तैयारी करनेवाले सभी छात्र नीट और एम्स के सिलेबस को जल्द-से-जल्द पूरा करें. पूरा कोर्स कम-से-कम एक बार पढ़ कर उसे समझ लें. साथ ही अपना कॉन्सेप्ट क्लियर रखें. अगर कहीं परेशानी आ रही है, तो एक्सपर्ट से संदेह को दूर करें. सिलेबस के किसी भी हिस्से से अनजान न रहें. कॉन्सेप्ट क्लियर रहने से गलती के चांस कम रहेंगे. अब समय कम है. ऐसे में जितना जल्दी हो सके, ये काम कर लेना ही बेहतर होगा.
 
अभी से शुरू करें रिवीजन
 
सिलेबस का रिवीजन जरूर करें. ऐसा करने से आपकी तैयारी बेहतर होगी. रिवीजन के लिए सबसे सही होगा कि आप एक रूटीन बना लें. हर दिन फिजिक्स, केमिस्ट्री, बॉटनी, जूलॉजी के लिए समय तय कर लें. उस समय में पूरी ईमानदारी के साथ अच्छे से चैप्टर को रिवाइज करें.
उपयोगी साबित होंगे शॉर्ट नोट्स
 
रिवीजन के दौरान एक काम ध्यान से करें. आप छोटे-छोटे नोट्स बनाते जायें. पिछले सालों के क्वेश्चन पैटर्न को देखते हुए उसके आधार पर हर चैप्टर से कुछ इम्पॉर्टेंट शॉर्ट नोट्स तैयार कर लें. खुद से तैयार किये हुए ये छोटे-छोटे नोट्स आपको हमेशा याद रहेंगे. साथ ही एग्जाम से एक हफ्ते पहले ये शॉर्ट नोट्स आपके रिवीजन और तैयारी में काफी मददगार साबित होंगे.
 
प्रैक्टिस सेट से करें खूब अभ्यास
 
अब तैयारी के लिए आपके पास गिनती के दिन बचे हैं. बेहतर होगा कि आप प्रैक्टिस सेट बनाना और मॉक टेस्ट देना शुरू कर दें. हर दिन मॉक टेस्ट देने से आप टाइम मैनेज करना सीख जायेंगे. आपको अपनी कमियों के बारे में पता चलेगा और समय रहते आप अभी से उसे दूर कर सकते हैं. नियमित रूप से मॉक टेस्ट देने से आपके मन से एग्जाम फोबिया का डर हट जायेगा और आप निश्चिंत होकर पेपर दे पायेंगे.< पेज दो पर जारी...
 
स्मार्ट तरीके से तैयारी सफलता के करीब पहुंचायेगी
 
पिछले पांच वर्षों (2011 से 2016) के क्वेश्चन पेपर का रिवीजन कर उसका प्रैक्टिस करना फायदेमंद साबित हो सकता है. इन बचे समय में स्मार्ट तरीके से चयनित महत्वपूर्ण टॉपिक्स का अभ्यास कर ही आप बेहतरीन स्कोर कर सकते हैं. बॉटनी, जूलॉजी, फिजिक्स और केमिस्ट्री पर समान रूप से ध्यान दें. कुछ महत्वपूर्ण टॉपिक्स जैसे - सेल डिवीजन, प्लांट फिजियोलॉजी, एंब्रायोलॉजी, जेनेटिक्स के कॉन्सेप्ट को अच्छे से पढ़कर रिवाइज करें. एनसीईआरटी के प्रश्नों का रोजाना अभ्यास करें. साथ ही मेकेनिक्स और थर्मोडायनेमिक्स, न्यूमेरिकल्स और सभी महत्वपूर्ण फॉर्मूलों का भी अभ्यास करते चलें. मेकेनिक्स काफी महत्वपूर्ण टॉपिक है.
 
फिजिकल केमिस्ट्री के सभी फॉर्मूलों को अच्छे से याद कर रिवाइज करते रहें, साथ ही केमिस्ट्री के सभी रिएक्शन को भी अच्छे से याद कर लें. रोजाना एनसीईआरटी ऑर्गेनिक केमिस्ट्री के कम-से-कम 10 प्रश्नों का अभ्यास करें. अपने लक्ष्य को हमेशा सामने रख कर तनावमुक्त होकर तैयारी करें. बचे हुए समय का ज्यादा से ज्यादा सदुपयोग करें. ट्रिक्स और टिप्स पर ध्यान देते हुए तैयारी करें. बगैर किसी तनाव के एग्जामिनेशन हॉल में पूरी स्ट्रैटजी के साथ स्पीड मेनटेन करते हुए पेपर दें. आपकी सफलता तय होगी.